Varanasi News: विद्यार्थियों ने 100 पेंटिंग में उकेरा शिव तांडव, चीरहरण और छठ पूजा; देख कर मुग्ध हुए लोग
Varanasi News: चित्रकला प्रदर्शनी में काशी और भारतीय संस्कृति की कलाकृतियों को देखकर लोग मंत्रमुग्ध हो गए। चित्रों के बारे में बनाने वाले छात्र-छात्राओं से जानकारी भी ली गई।
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नई दिल्ली के राष्ट्रीय संग्रहालय में बीएचयू के 20 छात्र-छात्रा और शोधार्थियों की 100 से ज्यादा पेंटिंग ने दर्शकों को मुग्ध कर दिया। शिव तांडव स्तोत्र, द्रौपदी का चीरहरण, सुदर्शनम, छठ पूजा और बिहार की संस्कृति सहित 32 मुद्दों पर ये चित्रकलाएं उकेरी गईं थीं।
संग्रहालय में अक्षर महोत्सव 2025 और चित्रकलाएं सुलेखन कला प्रदर्शनी लगी है। इसमें बीएचयू के स्नातक, परा स्नातक और शोध छात्र-छात्राओं ने कागज, लकड़ी, धातु और कपड़े के सतह पर की चित्रकारी लगाई है। बीएचयू में इनकी ट्रेनिंग दृश्य कला संकाय के प्रो. मनीष अरोड़ा और कैलीग्राफी फाउंडेशन के अभिषेक वर्धन सिंह द्वारा दी गई थी। बीएचयू में दो महीने तक इन छात्रों को प्रशिक्षित किया गया था।
अक्षर नृत्य और दुर्गा के 32 नाम भी दिखे
शुभम कुमार चौहान ने छठ : भोजपुरी भाषा की जीवंत आत्मा और जयेता देब ने शक्ति-सूत्र: मां दुर्गा के 32 नाम को लिखा। मांडवी कुमारी ने स्वर रामायण, अलंकृता सक्सेना ने वोवन लैटर, राशी अग्रवाल ने हृदय, पूर्वांशी रस्तोगी ने बिहार की सांस्कृतिक पहचान, मिस्बा हुन निशा ने उपासना, मो. मुस्तफ़िज़ुर रहमान ने अक्षर नृत्य, अनामिका विश्वकर्मा ने गंगा अवतरण, अश्वनी प्रजापति ने शिव तांडव स्तोत्र, आकृति मौर्या ने द्रौपदी चीरहरण, खुशी श्रीवास्तव ने अक्षर कैलाश, रोहित शर्मा ने जागृति की पुकार, अंशिका राय ने अक्षर नौका, कौशकी केशरी ने सुदर्शनम, मानवेंद्र सिंह ने राम वनवास पथ, खुशी राज ने शक्ति, चित्रांशु राज ने अक्षराणांकारोस्मि, श्रद्धा त्यागी ने संघर्ष और खुशी गोंड ने शाश्वत स्वर की कलाकृति उकेरी।