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विश्वसुंदरी पुल पर पहुंचा, साइकिल खड़ी की, कपड़े उतारे और कूद गया छात्र
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sun, 08 Oct 2017 08:22 PM IST
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- फोटो : self
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वाराणसी के विश्वसुंदरी पुल से रविवार की सुबह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र नितेश चौबे ने गंगा में छलांग लगा दी। वह साइकिल से पुल पर पहुंचा था। साइकिल खड़ी कर उसने कपड़े उतारे और गंगा में कूद गया। राहगीरों ने इसकी सूचना सौ नंबर पर दी।
पुलिस और एनडीआरएफ के जवान मौके पर पहुंचे और स्थानीय गोताखोरों की मदद से देर शाम तक छात्र की तलाश जारी रही लेकिन उसका पता नहीं चला। मूलरूप से बिहार के मोहनिया, रामगढ़ का रहने वाला नीतेश चौबे लंका के छित्तूपुर में किराये के मकान में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था।
बीएचयू से उसने दर्शन शास्त्र से एमए किया था। फिलहाल वह नेट की तैयारी में जुटा था। सुबह करीब नौ बजे वह साइकिल से विश्वसुंदरी पुल पहुंचा। टी शर्ट, पैंट, मोबाइल, चश्मा निकाल पुल पर रखने के बाद गंगा नदी में कूद गया।
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नीचे मछली पकड़ रहे मुरारी साहनी ने युवक को कूदते देखा तो उसे बचाने के लिए उसने भी छलांग लगा दी। वह नितेश तक पहुंच पाता, उससे पहले ही वह गहरे पानी में लापता हो गया। मौके पर पहुंचे एसओ लंका ने एनडीआरएफ को बुलाया।
एनडीआरएफ के साथ स्थानीय गोताखोरों ने नदी में नितेश की देर शाम तक तलाश की लेकिन वह नहीं मिला। इस दौरान विश्वसुंदरी पुल पर तमाशबीनों के हुजूम से जाम लगा रहा।
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पुलिस और एनडीआरएफ के जवान मौके पर पहुंचे और स्थानीय गोताखोरों की मदद से देर शाम तक छात्र की तलाश जारी रही लेकिन उसका पता नहीं चला। मूलरूप से बिहार के मोहनिया, रामगढ़ का रहने वाला नीतेश चौबे लंका के छित्तूपुर में किराये के मकान में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था।
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बीएचयू से उसने दर्शन शास्त्र से एमए किया था। फिलहाल वह नेट की तैयारी में जुटा था। सुबह करीब नौ बजे वह साइकिल से विश्वसुंदरी पुल पहुंचा। टी शर्ट, पैंट, मोबाइल, चश्मा निकाल पुल पर रखने के बाद गंगा नदी में कूद गया।
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नीचे मछली पकड़ रहे मुरारी साहनी ने युवक को कूदते देखा तो उसे बचाने के लिए उसने भी छलांग लगा दी। वह नितेश तक पहुंच पाता, उससे पहले ही वह गहरे पानी में लापता हो गया। मौके पर पहुंचे एसओ लंका ने एनडीआरएफ को बुलाया।
एनडीआरएफ के साथ स्थानीय गोताखोरों ने नदी में नितेश की देर शाम तक तलाश की लेकिन वह नहीं मिला। इस दौरान विश्वसुंदरी पुल पर तमाशबीनों के हुजूम से जाम लगा रहा।
मौत की खबर मिलते ही मां और बहनें हो गईं बेहोश
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- फोटो : file photo
नितेश के गंगा में कूदने की सूचना मिलते ही रामनगर में रहने वाले उसके मामा पंकज चौबे और विष्णुकांत मौके पर पहुंचे। पुलिस को उन्होंने बताया कि नितेश के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। मां-बाप नितेश को आईएएस बनाना चाहते थे।
इसी आस में उसे बीएचयू पढ़ने के लिए भेजा था। नितेश फिलहाल एमए पास करने के बाद नेट के साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। कुछ दिनों पहले उसे एक निजी कंपनी में 25 हजार महीने की नौकरी भी मिल रही थी, लेकिन उसने इंकार कर दिया था।
पिता रणजीत चौबे गांव में ही रहकर खेती करते हैं। दो बहनों में इकलौता भाई नितेश पिछली बार रक्षाबंधन पर अपने घर गया था। घटना की जानकारी होते ही बड़ी बहन अर्चना, छोटी बहन जूही समेत मां गीता बेहोश हो गईं।
इसी आस में उसे बीएचयू पढ़ने के लिए भेजा था। नितेश फिलहाल एमए पास करने के बाद नेट के साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। कुछ दिनों पहले उसे एक निजी कंपनी में 25 हजार महीने की नौकरी भी मिल रही थी, लेकिन उसने इंकार कर दिया था।
पिता रणजीत चौबे गांव में ही रहकर खेती करते हैं। दो बहनों में इकलौता भाई नितेश पिछली बार रक्षाबंधन पर अपने घर गया था। घटना की जानकारी होते ही बड़ी बहन अर्चना, छोटी बहन जूही समेत मां गीता बेहोश हो गईं।
दोस्तों ने बताया, आध्यात्म की बातें करता था नीतेश
नितेश के दोस्तों ने बताया कि कुछ दिनों से वह केवल आध्यात्म की बातें करता था। उसके दोस्त अजीत ने बताया कि मित्रों से अक्सर कहता था कि मुझसे गले मिलो तुम्हें शक्ति मिलेगी। मैं परमात्मा से मिल चुका हुं। जीवन में मृत्यु के अलावा कुछ नहीं रखा है। कुछ दिनों से नितेश जीने-मरने की बात करता था।