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सशक्त राष्ट्र का निर्माण्ा सबकी जिम्मेदारी
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 08 Aug 2016 02:13 AM IST
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बनारस में राज्यपाल
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राज्यपाल रामनाईक ने कहा कि मजबूत राष्ट्र का निर्माण हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। भारत एक सशक्त राष्ट्र बने, इसके लिए अपने दायित्वों और कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करना होगा। आजादी के बाद आज हम कहां खड़े हैं, इसका आंकलन कर चुनौतियों से पार पाना होगा। मजबूत लोकतंत्र के लिए योग्य प्रतिनिधि को चुनाव करें। यह बहुत जरूरी है। राज्यपाल रविवार को महमूरगंज में महापौर राम गोपाल मोहले के संयोजन में आयोजित नागरिक अभिनंदन समारोह एवं क्रांति दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित राष्ट्रीय स्वाधीनता संग्राम और आज की चुनौतियां विषयक संगोष्ठी को बतौर मुख्यअतिथि संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक को बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और न्याय मिले, इसके लिए सरकार केसाथ ही हम सभी को एक जिम्मेदार नागरिक बनकर यह सोचना होगा कि हम देश के लिए क्या कर सकते हैं। उन्होंने अपने दो वर्ष के कार्यकाल पूरे होने पर छपी पुस्तक ‘राजभवन में रामनाईक’ का जिक्र करते हुए बताया कि इसमें उनके कार्यों का लेखा-जोखा भी जनता के सामने रखा गया है। इससे जनता का भरोसा बढ़ता है।
अध्यक्षता करते हुए बीएचयू के कुलपति प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि करीब दो सौ साल तक गुलामी में रहने के बावजूद जब देश आजाद हुआ तो हजारों साल पुरानी अपनी संस्कृति को बचाने और स्थापित करने में सफल रहा, यह देश में प्रतिभावान नेतृत्व का ही परिणाम रहा। आज जिन समस्याओं से देश जूझ रहा है, उससे निबटने के लिए शिक्षा व्यवस्था मजबूत बनाना होगा। इससे पहले महापौर रामगोपाल मोहले ने स्मृति चिह्न और अंगवस्त्रम् देकर राज्यपाल का सम्मान किया।
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इसके अलावा काशी के नागरिकों, एवं विभिन्न शैक्षिक संगठनों, संस्थाओं की ओर से स्मृति चिह्न भेंट किए गए। इस मौके पर काशी विद्यापीठ के कुलपति डॉ. पृथ्वीश नाग, संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. यदुनाथ प्रसाद दूबे, वरिष्ठ पत्रकार वीरेंद्र कुमार
गुप्ता, पद्म भूषण पंडित छन्नूलाल मिश्रा, पार्षद डॉ. राजेश जायसवाल, अनिल शर्मा, विनोद भारद्वाज, सत्य प्रकाश कौशिक उपस्थित थे। संचालन प्रदीप श्रीवास्तव ने किया। सिल्वर ग्रोव की छात्राआें ने वंदेमातरम और पाणिनी कन्या की छात्राओं ने स्वस्ति वाचन किया।
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उन्होंने कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक को बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और न्याय मिले, इसके लिए सरकार केसाथ ही हम सभी को एक जिम्मेदार नागरिक बनकर यह सोचना होगा कि हम देश के लिए क्या कर सकते हैं। उन्होंने अपने दो वर्ष के कार्यकाल पूरे होने पर छपी पुस्तक ‘राजभवन में रामनाईक’ का जिक्र करते हुए बताया कि इसमें उनके कार्यों का लेखा-जोखा भी जनता के सामने रखा गया है। इससे जनता का भरोसा बढ़ता है।
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अध्यक्षता करते हुए बीएचयू के कुलपति प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि करीब दो सौ साल तक गुलामी में रहने के बावजूद जब देश आजाद हुआ तो हजारों साल पुरानी अपनी संस्कृति को बचाने और स्थापित करने में सफल रहा, यह देश में प्रतिभावान नेतृत्व का ही परिणाम रहा। आज जिन समस्याओं से देश जूझ रहा है, उससे निबटने के लिए शिक्षा व्यवस्था मजबूत बनाना होगा। इससे पहले महापौर रामगोपाल मोहले ने स्मृति चिह्न और अंगवस्त्रम् देकर राज्यपाल का सम्मान किया।
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इसके अलावा काशी के नागरिकों, एवं विभिन्न शैक्षिक संगठनों, संस्थाओं की ओर से स्मृति चिह्न भेंट किए गए। इस मौके पर काशी विद्यापीठ के कुलपति डॉ. पृथ्वीश नाग, संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. यदुनाथ प्रसाद दूबे, वरिष्ठ पत्रकार वीरेंद्र कुमार
गुप्ता, पद्म भूषण पंडित छन्नूलाल मिश्रा, पार्षद डॉ. राजेश जायसवाल, अनिल शर्मा, विनोद भारद्वाज, सत्य प्रकाश कौशिक उपस्थित थे। संचालन प्रदीप श्रीवास्तव ने किया। सिल्वर ग्रोव की छात्राआें ने वंदेमातरम और पाणिनी कन्या की छात्राओं ने स्वस्ति वाचन किया।