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Varanasi News: असि नदी को अस्सी कहना छोडे़ं, तभी होगा बदलाव

Wed, 21 Dec 2022 11:26 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 21 Dec 2022 11:26 PM IST
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Stop calling Assi river as Assi, only then there will be change
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि असि नदी को अस्सी कहना छोड़ना होगा, तभी असि के स्वरूप में बदलाव होगा। असि का अर्थ तलवार है जो अस्सी से बिल्कुल भिन्न है। हमारे शास्त्रों में असि नदी का महात्मय बताया गया है। आज इसको अस्सी कहा जा रहा है। जिस तरह से अस्सी कहकर इस पौराणिक नदी का नाम बदला गया है वैसे ही इसकी दशा भी अब नाले जैसी हो गई है, इसपर हम सभी को ध्यान देने की जरूरत है।
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बुधवार को केदारघाट स्थित विद्यामठ में जलसभा के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि गंगा आज किस हाल में हैं कितनी प्रदूषित हैं, कहना कठिन है। जगह-जगह बांध बनाकर उनको खंड-खंड काटा जा रहा है। भगवती गंगा के जल से 50 करोड़ लोग अपना जीवन यापन करते हैं। गंगा के न रहने पर पूरा उत्तर भारत रेगिस्तान हो जाएगा। कार्यक्रम का प्रारंभ वैदिक मंगलाचरण से कर्ण पांडेय व त्रियुग तिवारी ने किया। कपींद्र तिवारी ने कहा कि असि नदी को अविरल निर्मल बनाने में हम सभी अपनी ऊर्जा लगाएंगे। इस दौरान सुनील शुक्ला, डॉ. अभय शंकर तिवारी, डॉ. जयप्रकाश मिश्रा, ब्रह्मचारी मुकुंदानंद, आदि मौजूद रहे।
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