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बनारस के बाबतपुर एयरपोर्ट विस्तार के लिए जमीन अधिग्रहण पर रोक
शशांक मिश्र, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 04 Aug 2018 03:20 PM IST
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बाबतपुर एयरपोर्ट
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बनारस के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के विस्तारीकरण पर फिलहाल प्रदेश सरकार ने ब्रेक लगा दिया है। एयरपोर्ट अॅथारिटी के जमीन अधिग्रहण प्रस्ताव पर शासन ने रोक लगा दी है। ऐसे में हवाई अड्डे के विस्तार के लिए अब प्रशासन की ओर से जमीन अधिग्रहण नहीं किया जाएगा। शासन के इस निर्णय को एयरपोर्ट के स्थानीय अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बुनियादी सुविधाओं व विकास के लिए एयरपोर्ट अथारिटी ने तीन चरणों में भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव उत्तर प्रदेश सरकार को दिया था। इसमें पहले चरण में 300 एकड़ जमीन, दूसरे चरण में 200 एकड़ और तीसरे चरण में 82.97 एकड़ जमीन अधिग्रहीत करने की योजना थी। इसमें बुनियादी सुविधाओं के साथ ही रनवे विस्तार और एप्रन को बढ़ावा दिया जाना था।
एयरपोर्ट अथारिटी के इस प्रस्ताव से कई गांव की हजारों आबादी प्रभावित हो रही थी। ऐसे में प्रदेश सरकार ने एयरपोर्ट विस्तारीकरण योजना पर असहमति जता दी है और स्थानीय प्रशासन को इस परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण करने से रोक का निर्देश दिया है। एयरपोर्ट अथॉरिटी के अनुसार लाल बहादुर शास्त्री एयरपोर्ट 746 एकड़ में फैला हुआ है।
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विदेशी सैलानियों के बढ़ते रुझान को देखते हुए एयरपोर्ट अथारिटी ने रनवे, एप्रन और अन्य सुविधाओं को बढ़ाने के लिए 500 एकड़ से ज्यादा जमीन की आवश्यकता जताई थी। एयरपोर्ट विस्तारीकरण में राष्ट्रीय राजमार्ग 56 के बीच में आने के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने 500 मीटर लंबी टनल बनाने का प्रस्ताव दिया गया था।
इस प्रस्ताव पर एयरपोर्ट अथारिटी और एनएचआईए में सहमति भी बन गई है। मगर, शासन के एयरपोर्ट विस्तारीकरण पर असहमति से फिलहाल पूरी योजना पर ब्रेक लग गया है। उधर, एयरपोर्ट अथारिटी के अधिकारियों का कहना है कि उत्तर प्रदेश सरकार की असहमति के बाद नए सिरे से प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। उनकी आपत्ति के गए बिंदुओं को भी दुरुस्त किया जाएगा।
जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह का कहना है कि एयरपोर्ट अथारिटी के प्रस्ताव को उत्तर प्रदेश शासन ने स्वीकार नहीं किया है। इसके चलते एयरपोर्ट विस्तारीकरण के लिए जमीन अधिग्रहित नहीं की जाएगी। इस निर्णय से एयरपोर्ट के स्थानीय अधिकारियों को अवगत करा दिया है।
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अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बुनियादी सुविधाओं व विकास के लिए एयरपोर्ट अथारिटी ने तीन चरणों में भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव उत्तर प्रदेश सरकार को दिया था। इसमें पहले चरण में 300 एकड़ जमीन, दूसरे चरण में 200 एकड़ और तीसरे चरण में 82.97 एकड़ जमीन अधिग्रहीत करने की योजना थी। इसमें बुनियादी सुविधाओं के साथ ही रनवे विस्तार और एप्रन को बढ़ावा दिया जाना था।
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एयरपोर्ट अथारिटी के इस प्रस्ताव से कई गांव की हजारों आबादी प्रभावित हो रही थी। ऐसे में प्रदेश सरकार ने एयरपोर्ट विस्तारीकरण योजना पर असहमति जता दी है और स्थानीय प्रशासन को इस परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण करने से रोक का निर्देश दिया है। एयरपोर्ट अथॉरिटी के अनुसार लाल बहादुर शास्त्री एयरपोर्ट 746 एकड़ में फैला हुआ है।
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विदेशी सैलानियों के बढ़ते रुझान को देखते हुए एयरपोर्ट अथारिटी ने रनवे, एप्रन और अन्य सुविधाओं को बढ़ाने के लिए 500 एकड़ से ज्यादा जमीन की आवश्यकता जताई थी। एयरपोर्ट विस्तारीकरण में राष्ट्रीय राजमार्ग 56 के बीच में आने के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने 500 मीटर लंबी टनल बनाने का प्रस्ताव दिया गया था।
इस प्रस्ताव पर एयरपोर्ट अथारिटी और एनएचआईए में सहमति भी बन गई है। मगर, शासन के एयरपोर्ट विस्तारीकरण पर असहमति से फिलहाल पूरी योजना पर ब्रेक लग गया है। उधर, एयरपोर्ट अथारिटी के अधिकारियों का कहना है कि उत्तर प्रदेश सरकार की असहमति के बाद नए सिरे से प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। उनकी आपत्ति के गए बिंदुओं को भी दुरुस्त किया जाएगा।
जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह का कहना है कि एयरपोर्ट अथारिटी के प्रस्ताव को उत्तर प्रदेश शासन ने स्वीकार नहीं किया है। इसके चलते एयरपोर्ट विस्तारीकरण के लिए जमीन अधिग्रहित नहीं की जाएगी। इस निर्णय से एयरपोर्ट के स्थानीय अधिकारियों को अवगत करा दिया है।