मुठभेड़ में हुआ था ढेर: कुख्यात बदमाश मनीष के शरणदाताओं की कुंडली खंगाल रही एसटीएफ, चौंकाने वाली जानकारियां हाथ लगीं
बनारस और गाजीपुर के रहने वाले छह बदमाशों को अब तक एसटीएफ ने चिह्नित किया है। हत्या, हत्या के प्रयास, लूट आदि आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने वाले ये सभी बदमाश जल्द ही एसटीएफ के हत्थे चढ़ेंगे।
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दो लाख के इनामी कुख्यात बदमाश मनीष सिंह सोनू को मुठभेड़ में मार गिराने के बाद यूपी एसटीएफ अब उसके शरणदाताओं की कुंडली खंगाल रही है। बनारस और गाजीपुर के कई नाम ऐसे सामने आए हैं, जो फरारी के समय मनीष को पनाह दिए थे। एसटीएफ ने उनकी कुंडली खंगालनी शुरू कर दी है।
यही नहीं, गिरोह को आर्थिक तौर पर मजबूत करने की कमान संभालने वाले मनीष के ढेर होने के बाद गैंग के अन्य सदस्यों के बारे में भी एसटीएफ काफी जानकारियां इकट्ठी कर रखी हैं। बनारस और गाजीपुर के रहने वाले छह बदमाशों को अब तक एसटीएफ ने चिह्नित किया है।
मुठभेड़ के बाद कई बदमाश भूमिगत
हत्या, हत्या के प्रयास, लूट आदि आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने वाले ये सभी बदमाश जल्द ही एसटीएफ के हत्थे चढ़ेंगे। एसटीएफ के एक अधिकारी के अनुसार फरारी के दौरान वह लंबे समय तक मुंबई में भी एक कारोबारी के यहां शरण ले रखा था। इसकी तस्दीक भी कराई जा रही है।
उधर, उसके ढेर होने के बाद गिरोह के अन्य कई बदमाश भूमिगत हो गए हैं। सर्विलांस और मुखबिर तंत्र के जरिए काफी कुछ चौंकाने वाली जानकारियां हाथ लगी हैं। जिला जेल में बंद उसके पुराने साथियों से भी काफी अहम जानकारियां हाथ लगी हैं।
जमीन कारोबारियों पर भी एसटीएफ की नजर
एसटीएफ यह भी पता लगा रही है कि अपराध से अर्जित धन का मनीष सिंह सोनू ने कहां-कहां निवेश किया है। जमीन और अपार्टमेंट का काम करने वाले कुछ लोगों को मनीष ने बड़ी रकम दी थी। रिंग रोड, हाईवे के विवादित कई जमीन पर मनीष सिंह सोनू के नाम से कब्जा है। मनीष से वास्ता रखने वाले ऐसे कालोनाइजरों की भी कुंडली खंगाली जा रही है। जमीन विवाद में जो भी उलझता, उसे मनीष ठिकाने लगाता था। जमीन की पंचायत में ही रोहनिया के एनडी तिवारी की हत्या कर दी थी।
हरिश्चंद्र घाट पर हुआ दाहसंस्कार, पिता ने दी मुखाग्नि
लंका थाना अंतर्गत नरोत्तमपुर निवासी दो लाख के इनामी मनीष सिंह का शव देर रात पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। भोर के समय हरिश्चंद्र घाट पर मनीष का दाह संस्कार पुलिसकर्मियों के बीच किया गया। मुखाग्नि पिता अनिल सिंह ने दिया। मनीष के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पहुंचे कई लोगों की एसटीएफ की टीम ने निगरानी करती रही।