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वाराणसी: केदारनाथ संस्कृत महाविद्यालय में दो शिक्षकों की नियुक्ति पर लगी रोक, जानें- क्या है पूरा मामला
Thu, 01 Oct 2026 11:56 AM IST
Pragati Chand
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Pragati Chand
Updated Thu, 01 Oct 2026 11:56 AM IST
सार
गोपपुर संस्कृत महाविद्यालय का मामला कथित अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और फर्जी नियुक्तियों से संबंधित शिकायतों से जुड़ा है। विश्वविद्यालय को इस मामलों में पहले से दो शिकायतें मिली थीं।
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केदारनाथ संस्कृत महाविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
केदारनाथ संस्कृत महाविद्यालय गोपपुर में शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर चल रही शिकायतों के मामले में संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय ने प्रस्तावित नियुक्तियों को बुधवार को अनुमोदन देने से इन्कार कर दिया है। विश्वविद्यालय की जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर कुलपति की स्वीकृति के बाद कुलसचिव राकेश कुमार ने महाविद्यालय के प्रबंधक को पत्र लिख कर नियुक्ति अनुमोदन प्रस्ताव को पास कर दिया।
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गोपपुर संस्कृत महाविद्यालय का मामला कथित अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और फर्जी नियुक्तियों से संबंधित शिकायतों से जुड़ा है। विश्वविद्यालय को इस मामलों में पहले से दो शिकायतें मिली थीं। पहली शिकायत 28 मई 2025 को ककरमत्ता निवासी आशीष कुमार श्रीवास्तव ने की थी।
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वहीं, दूसरी शिकायत गोपपुर सच्चिदानंद पांडेय सात अगस्त 2025 को की थी। शिकायतों पर कार्रवाई के लिए गठित समिति ने जांच की। समिति ने पाया कि केदारनाथ संस्कृत महाविद्यालय को महाविद्यालय स्तर का राज्य अनुदान एवं पद सृजन संबंधी शासनादेश प्रबंधक की ओर से प्रस्तुत नहीं किया जा सका।
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प्रस्तावित नियुक्ति अनुमोदन प्रस्ताव में आरक्षण नियमों का अनुपालन का साक्ष्य भी प्रस्तुत नहीं किया गया। संस्कृत विवि के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव को इन नियुक्तियों पर रोक लगाते हुए उच्चाधिकारियों को कार्रवाई से अवगत कराया है। पत्र में लिखा है कि केदारनाथ संस्कृत महाविद्यालय पर भ्रष्टाचार और फर्जी नियुक्तियों जैसे आरोप लगाए गए हैं।