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बीएचयू बवालः छात्र-छात्राओं ने दर्ज कराए बयान, बताया किसकी वजह से बिगड़े हालात
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Wed, 11 Oct 2017 10:42 AM IST
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बयान दर्ज कराने पहुंचे छात्र छात्राएं।
- फोटो : अमर उजाला
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बीएचयू में 23 सितंबर को छात्र-छात्राओं एवं पत्रकारों पर हुए लाठीचार्ज के मामले की मजिस्ट्रेटी जांच में तेजी आ गई है। मंगलवार को जांच अधिकारी एडीएम प्रशासन एमएन उपाध्याय बीएचयू पहुंचे।
एलडी गेस्टहाउस में सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक वार्डेन समेत 31 छात्र-छात्राओं ने घटना के संबंध में अपना बयान दर्ज कराया। साथ ही, लाठीचार्ज की सीडी भी उन्हें सौंपी।
छात्र-छात्राओं ने अपने बयान में हालात बिगड़ने के लिए विश्वविद्यालय और पुलिस-प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। छात्राओं का कहना था कि वह अपनी सुरक्षा की मांग पर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रही थीं। उनकी बात सुनने के बजाए उन पर लाठीचार्ज किया गया।
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त्रिवेणी हॉस्टल के बाहर विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मियों और सिंह द्वार पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। छात्राएं चाहती थीं कि कुलपति आकर उनकी बात सुनें और उनकी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जाने का ठोस आश्वासन दें लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनकी एक नहीं सुनी।
जो सीसीटीवी कैमरे अब लगवाए जा रहे हैं और सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने की कवायद की जा रही है, छात्राएं इसकी ही मांग कर रही थीं। छात्र-छात्राओं ने जल्द ही एक अन्य सीडी भी देने को कहा। अगले दो दिनों तक कोई भी व्यक्ति एडीएम प्रशासन के न्यायालय में बयान दर्ज करा सकता है।
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एलडी गेस्टहाउस में सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक वार्डेन समेत 31 छात्र-छात्राओं ने घटना के संबंध में अपना बयान दर्ज कराया। साथ ही, लाठीचार्ज की सीडी भी उन्हें सौंपी।
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छात्र-छात्राओं ने अपने बयान में हालात बिगड़ने के लिए विश्वविद्यालय और पुलिस-प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। छात्राओं का कहना था कि वह अपनी सुरक्षा की मांग पर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रही थीं। उनकी बात सुनने के बजाए उन पर लाठीचार्ज किया गया।
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त्रिवेणी हॉस्टल के बाहर विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मियों और सिंह द्वार पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। छात्राएं चाहती थीं कि कुलपति आकर उनकी बात सुनें और उनकी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जाने का ठोस आश्वासन दें लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनकी एक नहीं सुनी।
जो सीसीटीवी कैमरे अब लगवाए जा रहे हैं और सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने की कवायद की जा रही है, छात्राएं इसकी ही मांग कर रही थीं। छात्र-छात्राओं ने जल्द ही एक अन्य सीडी भी देने को कहा। अगले दो दिनों तक कोई भी व्यक्ति एडीएम प्रशासन के न्यायालय में बयान दर्ज करा सकता है।