{"_id":"65cbc4f1dc466aacec00b7f7","slug":"stalled-development-work-in-villages-will-get-momentum-with-rs-17-crore-varanasi-news-c-191-1-svns1015-108758-2024-02-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Varanasi News: 17 करोड़ से गांवों में रुके विकास कार्यों को मिलेगी गति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Varanasi News: 17 करोड़ से गांवों में रुके विकास कार्यों को मिलेगी गति
विज्ञापन
ज्ञानपुर। जिले की 546 ग्राम पंचायतों में 17 करोड़ से विकास को पंख लगेंगे। वित्तीय वर्ष खत्म होने के डेढ़ महीने पूर्व शासन ने 15वें वित्त की तीसरी किश्त जारी कर दी है। इसमें ग्राम पंचायत के लिए करीब 10 करोड़, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के लिए 3.5-3.5 करोड़ शामिल है। इससे ग्राम पंचायतें और क्षेत्र पंचायत जरूरी विकास कार्य को करा सकेंगे। उक्त बजट से गांव में नाली, खड़ंजा, इंटरलाकिंग समेत अन्य कार्यों की रफ्तार बढ़ेगी।
गांव का विकास सरकार की प्राथमिकता में शामिल होता है। शासन की तरफ से हर साल एक वित्तीय वर्ष में राज्य वित्त एवं 15वें वित्त में पंचायतों को बजट स्वीकृत करती है। हर तीन महीने में यह धनराशि जारी होती है। ग्राम पंचायतों में जहां टाइड एवं अनटाइड फंड, स्वच्छता मिशन, मनरेगा आदि के माध्यम से धनराशि जारी होती है। वहीं क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत में सिर्फ राज्य वित्त एवं 15वें वित्त से ही बजट मिलता है। ग्राम पंचायतों में अभी दिसंबर में दूसरी किस्त के रूप में करीब आठ करोड़ से अधिक धनराशि जारी की गई थी, लेकिन क्षेत्र पंचायत में 15वें वित्त की रकम करीब आठ से नौ महीने नहीं आया। फरवरी के पहले सप्ताह में शासन ने ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत को बजट स्वीकृत किया। जिसमें ग्राम पंचायतों को करीब 10 करोड़, जिला पंचायत को साढ़े तीन करोड़, क्षेत्र पंचायत को साढ़े तीन करोड़ शामिल है। ग्राम पंचायत की रकम को आजादी के हिसाब से गांव में भेजा जाएगा। जिसको सचिव और प्रधान अपने के हिसाब से खर्च कर सकेंगे, जबकि क्षेत्र पंचायत की धनराशि ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत की जिला पंचायत अध्यक्ष खर्च करेंगे। जिला पंचायत राज अधिकारी संजय मिश्रा ने बताया कि पंचायत भवन, सामुदायिक शौचालय का बजट अलग से रहता है। मनरेगा से होने वाले कार्य पूर्व की तरह चल रहे हैं। कुछ कार्य प्रस्तावित थे। जिनको दूसरे मदों से कराया जाना है। ग्राम पंचायत को 10 करोड़ और क्षेत्र पंचायत को साढ़े तीन करोड़ मिला है। इससे गांव में अधूरे कार्यों को पूर्ण कराने में मदद मिलेगी।
-- -- -- -- -- -- -- -- --
इनसेट
विकास के लिए मिली रकम
ग्राम पंचायत 10 करोड़
क्षेत्र पंचायत 3.5 करोड़
जिला पंचायत 3.5 करोड़
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
विज्ञापन
विज्ञापन
गांव का विकास सरकार की प्राथमिकता में शामिल होता है। शासन की तरफ से हर साल एक वित्तीय वर्ष में राज्य वित्त एवं 15वें वित्त में पंचायतों को बजट स्वीकृत करती है। हर तीन महीने में यह धनराशि जारी होती है। ग्राम पंचायतों में जहां टाइड एवं अनटाइड फंड, स्वच्छता मिशन, मनरेगा आदि के माध्यम से धनराशि जारी होती है। वहीं क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत में सिर्फ राज्य वित्त एवं 15वें वित्त से ही बजट मिलता है। ग्राम पंचायतों में अभी दिसंबर में दूसरी किस्त के रूप में करीब आठ करोड़ से अधिक धनराशि जारी की गई थी, लेकिन क्षेत्र पंचायत में 15वें वित्त की रकम करीब आठ से नौ महीने नहीं आया। फरवरी के पहले सप्ताह में शासन ने ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत को बजट स्वीकृत किया। जिसमें ग्राम पंचायतों को करीब 10 करोड़, जिला पंचायत को साढ़े तीन करोड़, क्षेत्र पंचायत को साढ़े तीन करोड़ शामिल है। ग्राम पंचायत की रकम को आजादी के हिसाब से गांव में भेजा जाएगा। जिसको सचिव और प्रधान अपने के हिसाब से खर्च कर सकेंगे, जबकि क्षेत्र पंचायत की धनराशि ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत की जिला पंचायत अध्यक्ष खर्च करेंगे। जिला पंचायत राज अधिकारी संजय मिश्रा ने बताया कि पंचायत भवन, सामुदायिक शौचालय का बजट अलग से रहता है। मनरेगा से होने वाले कार्य पूर्व की तरह चल रहे हैं। कुछ कार्य प्रस्तावित थे। जिनको दूसरे मदों से कराया जाना है। ग्राम पंचायत को 10 करोड़ और क्षेत्र पंचायत को साढ़े तीन करोड़ मिला है। इससे गांव में अधूरे कार्यों को पूर्ण कराने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
इनसेट
विकास के लिए मिली रकम
ग्राम पंचायत 10 करोड़
क्षेत्र पंचायत 3.5 करोड़
जिला पंचायत 3.5 करोड़
विज्ञापन