Varanasi News: लोकसंगीत बिरहा का मंच...शास्त्रीय संगीत के धुन ने मोहा, देश भर के 24 केंद्रों पर हुआ आयोजन
कार्यक्रम में गायन की भावगर्भिता और रागों कि गहराई ने उपस्थित श्रोताओं को अद्भुत आनंदानुभूति से भर दिया। गायन में उनके साथ तबले पर सिद्धार्थ चक्रवर्ती और हारमोनियम पर डॉ. इंद्रदेव चौधरी ने संगत की।
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Varanasi News: आकाशवाणी के संगीत सम्मेलन के 67वें संस्करण में शास्त्रीय संगीत के साथ लोकसंगीत बिरहा का मंच भी सजा। शास्त्रीय संगीत के सप्तसुरों के साथ लोकगीतों की मनोहारी धुनों का श्रद्धालुओं ने आनंद उठाया। देश भर के 24 केंद्रों पर आयोजित संगीत सम्मेलन का आयोजन बीएचयू संगीत एवं मंच कला संकाय स्थित पं. ओंकारनाथ ठाकुर प्रेक्षागृह में हुआ।
शनिवार को संगीत सम्मेलन की शुरुआत हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के प्रख्यात गायक और आकाशवाणी के ए ग्रेड कलाकार डॉ. शुभंकर डे के गायन से हुई। उन्होंने मंच पर अपने मनमोहक गायन से वातावरण को सुरमयी बना दिया। उन्होंने सबसे पहले राग- विहाग में विलंबित रचना हिय में सिय राम प्रस्तुत किया।
मधुर ताल और भावपूर्ण आलाप ने सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके पश्चात उन्होंने राग - मालकौंस में मध्य विलंबित रचना मत्तताल में गूंज उठी है तथा द्रुत रचना एक ताल शंकर अवतार हरो... का प्रभावशाली गायन किया। कार्यक्रम के उत्तरार्ध में लोकसंगीत की सुगंध बिखेरते हुए ए ग्रेड भोजपुरी लोकगायक मन्नालाल यादव और साथियों ने मंच संभाला।
पूर्वांचल की मिट्टी से जुड़े लोकगीतों की ऐसी मनोहारी प्रस्तुति दी कि पूरा सभागार लोकरस में झूम उठा। गीतों में बनारस की बोली, ग्रामीण जीवन कि सहजता और लोकभाव की मधुर गूंज सुनाई दी। संचालन वरिष्ठ उद्घोषक अरुण कुमार पांडेय और धन्यवाद कार्यक्रम प्रमुख अशोक पांडेय ने किया।
आकाशवाणी की संकेत धुन के साथ हुई शुरुआत
कार्यक्रम का शुभारंभ आकाशवाणी की मनमोहक संकेत धुन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि पद्मभूषण प्रो. देवी प्रसाद द्विवेदी, विशिष्ट अतिथि पद्मश्री शिवनाथ मिश्रा, आकाशवाणी के केन्द्राध्यक्ष स्वतंत्र सिंह और कार्यक्रम प्रमुख अशोक पांडेय ने दीप प्रज्ज्वलन के उपरांत माता सरस्वती, महामना प. मदन मोहन मालवीय और प. ओंकार नाथ ठाकुर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। आकाशवाणी के उप निदेशक अशोक कुमार, नोडल अधिकारी प्रफुल्ल सिन्हा एवं कार्यक्रम अधिशासी दिलीप यादव ने गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया।