सरैंया में ट्रैफिक हुआ अराजक, महकमे ने खड़े किए हाथ
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बुधवार को दिन भर खुदाई स्थल तक पहुंचने के बाद लोग जिम्मेदारों को कोसते हुए वापस लौटते रहे और यातायात पुलिस निरीह बनी रही। इससे जाम तो लगा ही, लोगों को सात से दस किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर भी काटना पड़ा। बता दें कि सरैंया रेलवे डॉट पुल की मरम्मत के लिए रेल प्रबंधन और जिला प्रशासन ने इस रास्ते भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित करते हुए इसे दोपहिया वाहनों के लिए वन वे किया था। बताया गया था कि पुल की मरम्मत के बाद यातायात सुचारु होने में अभी कम से कम एक साल लगेंगे। इससे पुलिस लाइन चौराहा से पहड़िया होते हुए आशापुर मार्ग तक ट्रैफिक का दबाव पहले ही काफी बढ़ गया था।
बुधवार को तब और बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई जब सीवर लाइन के लिए खुदाई से डॉट पुल की पूरी सड़क ही ब्लॉक हो गई। यह सीवर लाइन चौकाघाट से दीनापुर सात किलोमीटर तक बिछाई जा रही है। 15 मार्च तक यह कार्य होना है। अब तक खुदाई के दौरान सड़क का कुछ हिस्सा दोपहिया और पैदल आवागमन के लिए छोड़ दिया जा रहा था लेकिन बुधवार को सरैयां दरगाह के सामने सड़क, पटरी सब खोद दी गई। इससे वन-वे तो छोड़िए, पैदल आने-जाने की जगह नहीं बची। यातायात विभाग की ओर से कोई वैकल्पिक इंतजाम न होने से लोगों को पूरे दिन दोहरी मुसीबत उठानी पड़ी। एक तो खुदाई स्थल तक जाने के बाद वापस लौटना पड़ रहा था, दूसरे पुलिस लाइन चौराहा-आशापुर मार्ग से होकर जाने में सात से दस किमी तक अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही थी। सबसे अधिक परेशान ऑटो और छोटे सवारी वाहनों से आने-जाने वाले यात्रियों को हुई। उन्हें गंतव्य तक पहुंचने में दोगुना-तिगुना किराया खर्च करना पड़ा।