{"_id":"5f15eea08ebc3e637122d3ed","slug":"sport-city-news-vns5369679194","type":"story","status":"publish","title_hn":"ओलंपियन मोहम्मद शाहिद की स्मृति में हॉकी प्रतियोगिता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ओलंपियन मोहम्मद शाहिद की स्मृति में हॉकी प्रतियोगिता
विज्ञापन
वाराणसी। देश को ओलंपिक में स्वर्ण पदक, एशियन गेम्स में रजत पदक और एशियाड खेलों में कांस्य पदक दिलाने वाले काशी के हॉकी खिलाड़ी मोहम्मद शाहिद की चौथी पुण्यतिथि पर सोमवार को उनके चाहने वालों ने उनको ऑनलाइन श्रद्धांजलि दी। जिला हॉकी संघ ने शाहिद को श्रद्धांजलि देते हुए उनकी स्मृति में सब जूनियर राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के आयोजन की घोषणा की।
पद्मश्री शाहिद ऐसे खिलाड़ी थे कि उनकी लोकप्रियता सिर्फ हॉकी के ही खिलाड़ियों में नहीं थी। बल्कि अन्य खेल के भी खिलाड़ियों में भी थी जो उनकी प्रतिभा के कायल थे। जिला ताइक्वांडो संघ सचिव सत्यवर्धन सिंह ने बताया कि शाहिद ने 1980 में मॉस्को में हुए ओलंपिक के अंतिम दो मिनटों में एक गोल कर स्वर्ण पदक दिलाया। जिला हॉकी संघ ने शाहिद को ऑनलाइन श्रद्धांजलि देते हुए उनके स्मृति में राज्य स्तरीय जूनियर हॉकी प्रतियोगिता के आयोजन की घोषणा की। संघ सचिव कृष्ण बहादुर रावत ने बताया कि 29 अगस्त को खेल दिवस के अवसर पर प्रतियोगिता की तारीख घोषित की जाएगी।
शाहिद के नाम से स्टेडियम का नामकरण अधूरा
संघ के सचिव ने बताया कि हॉकी के उस्ताद शाहिद डीरेका में खेल अधिकारी के पद पर तैनात थे। उनकी मृत्यु के बाद कई लोगों ने कहा था कि डीरेका स्पोर्ट्स स्टेडियम का नाम मोहम्मद शाहिद स्टेडियम होगा। चार साल बीत गए, लेकिन कुछ नहीं हुआ। एक दिन के लिए उनके नाम का बोर्ड स्टेडियम पर लगा फिर अचानक गायब हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
पद्मश्री शाहिद ऐसे खिलाड़ी थे कि उनकी लोकप्रियता सिर्फ हॉकी के ही खिलाड़ियों में नहीं थी। बल्कि अन्य खेल के भी खिलाड़ियों में भी थी जो उनकी प्रतिभा के कायल थे। जिला ताइक्वांडो संघ सचिव सत्यवर्धन सिंह ने बताया कि शाहिद ने 1980 में मॉस्को में हुए ओलंपिक के अंतिम दो मिनटों में एक गोल कर स्वर्ण पदक दिलाया। जिला हॉकी संघ ने शाहिद को ऑनलाइन श्रद्धांजलि देते हुए उनके स्मृति में राज्य स्तरीय जूनियर हॉकी प्रतियोगिता के आयोजन की घोषणा की। संघ सचिव कृष्ण बहादुर रावत ने बताया कि 29 अगस्त को खेल दिवस के अवसर पर प्रतियोगिता की तारीख घोषित की जाएगी।
विज्ञापन
शाहिद के नाम से स्टेडियम का नामकरण अधूरा
संघ के सचिव ने बताया कि हॉकी के उस्ताद शाहिद डीरेका में खेल अधिकारी के पद पर तैनात थे। उनकी मृत्यु के बाद कई लोगों ने कहा था कि डीरेका स्पोर्ट्स स्टेडियम का नाम मोहम्मद शाहिद स्टेडियम होगा। चार साल बीत गए, लेकिन कुछ नहीं हुआ। एक दिन के लिए उनके नाम का बोर्ड स्टेडियम पर लगा फिर अचानक गायब हो गया।
विज्ञापन