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वाराणसी में सपा-कांग्रेस के कार्यकताओं में असमंजस, कैंट सीट से दो प्रत्याशियों ने किया नामांकन
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 17 Feb 2017 09:12 PM IST
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अनिल और रीबू में से किसी एक को वापस लेना पड़ सकता है पर्चा
- फोटो : amar ujala
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कैंट विधानसभा सीट से सपा-कांग्रेस गठबंधन से अनिल श्रीवास्तव के नामांकन के बाद सपा के सिंबल पर पार्टी नेत्री रीबू श्रीवास्तव के पर्चा दाखिल करने से पदाधिकारी और कार्यकर्ता असमंजस में हैं।
खासकर सपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता फिलहाल की स्थितियों में यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि वह गठबंधन के प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार में निकलें या फिर सपा सिंबल पर नामांकन करने वाली प्रत्याशी के समर्थन में। सपा नेतृत्व की ओर से इस बारे में अब तक कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिला है।
वहीं, कांग्रेस में भी खलबली मची है। दोनों दलों के अपने शीर्ष नेतृत्व के फैसले का इंतजार है।
सपा जिलाध्यक्ष ने इस बारे में पार्टी के प्रदेश नेतृत्व को वस्तुस्थिति की जानकारी दी है।
वहीं कांग्रेस खेमा भी इस मसले पर अपने लखनऊ और दिल्ली के नेताओं से लगातार संपर्क साधे हुए है।
दोनों पार्टियों के रणनीतिकार मानते हैं कि गठबंधन बचाने के लिए रीबू और अनिल में से किसी एक की पर्चा वापसी का ही विकल्प है।
लेकिन, दोनों पार्टियों के शीर्ष नेतृत्व से इस बारे में कोई संकेत न मिलने से फिलहाल हालात पेचीदा होने के साथ पार्टीजनों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं।
पिछले दो बार से कांग्रेस प्रत्याशी यहां से दूसरे स्थान पर रहे हैं। इस लिहाज से सपा का साथ मिलने पर इस सीट पर जीत का दावा किया जा रहा था।
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खासकर सपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता फिलहाल की स्थितियों में यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि वह गठबंधन के प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार में निकलें या फिर सपा सिंबल पर नामांकन करने वाली प्रत्याशी के समर्थन में। सपा नेतृत्व की ओर से इस बारे में अब तक कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिला है।
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वहीं, कांग्रेस में भी खलबली मची है। दोनों दलों के अपने शीर्ष नेतृत्व के फैसले का इंतजार है।
सपा जिलाध्यक्ष ने इस बारे में पार्टी के प्रदेश नेतृत्व को वस्तुस्थिति की जानकारी दी है।
वहीं कांग्रेस खेमा भी इस मसले पर अपने लखनऊ और दिल्ली के नेताओं से लगातार संपर्क साधे हुए है।
दोनों पार्टियों के रणनीतिकार मानते हैं कि गठबंधन बचाने के लिए रीबू और अनिल में से किसी एक की पर्चा वापसी का ही विकल्प है।
लेकिन, दोनों पार्टियों के शीर्ष नेतृत्व से इस बारे में कोई संकेत न मिलने से फिलहाल हालात पेचीदा होने के साथ पार्टीजनों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं।
पिछले दो बार से कांग्रेस प्रत्याशी यहां से दूसरे स्थान पर रहे हैं। इस लिहाज से सपा का साथ मिलने पर इस सीट पर जीत का दावा किया जा रहा था।
रीबू श्रीवास्तव ने शुरू किया चुनाव प्रचार
रीबू ने दावा किया, सीएम अखिलेश यादव के निर्देश पर किया नामांकन
- फोटो : अमर उजाला
सपा के सिंबल पर नामांकन करने के बाद रीबू श्रीवास्तव ने शुक्रवार से चुनाव प्रचार शुरू कर दिया। शुक्रवार को वह बजरडीहा क्षेत्र में रहीं।
उनके साथ कैंट क्षेत्र के सपा के कुछ कार्यकर्ता भी थे।
सपा जिलाध्यक्ष डॉ. पीयूष यादव का कहना है कि कैंट सीट को लेकर प्रदेश नेतृत्व से वार्ता की गई है। पार्टी का प्रयास है कि गठबंधन से कोई एक ही प्रत्याशी चुनाव लड़े।
उनके साथ कैंट क्षेत्र के सपा के कुछ कार्यकर्ता भी थे।
सपा जिलाध्यक्ष डॉ. पीयूष यादव का कहना है कि कैंट सीट को लेकर प्रदेश नेतृत्व से वार्ता की गई है। पार्टी का प्रयास है कि गठबंधन से कोई एक ही प्रत्याशी चुनाव लड़े।