घोसी उपचुनाव: सपा उम्मीदवार सुधाकर सिंह का नामांकन निरस्त, सपाइयों ने किया प्रदर्शन
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मऊ जिले की घोसी विधानसभा में होने वाले उपचुनाव में सपा के टिकट से चुनाव मैदान में उतरे सुधाकर सिंह का नामांकन निरस्त हो गया है। उपचुनाव में कड़ी सुरक्षा के बीच नामांकन पत्रों की जांच हुई। जांच में सपा प्रत्याशी सुधाकर सिंह का पर्चा खारिज कर दिया गया। रिटर्निंग अफसर ने सपा प्रत्याशी के टिकट के सिंबल में मूल फार्म बी पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के हस्ताक्षर न होना बताया है।
सपा प्रत्याशी ने निर्दल प्रत्याशी के रूप में भी नामांकन किया था। उनका यह परचा वैध पाया गया। अब ये निर्दल प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ेंगे। पार्टी प्रत्याशी का पर्चा खारिज करने का बाद सपा कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया।
विरोध-प्रदर्शन कर सपा ने प्रशासन सहित एसडीएम पर भाजपा कार्यकर्ता की तरह काम करने का आरोप लगाया है। सीट से कुल 15 प्रत्याशियों ने नामांकन किया था, इनमें दो का नामांकन निरस्त कर दिया गया। 13 प्रत्याशियों के परचे वैध पाए गए हैं।
बताते चलें घोसी विधानसभा के भाजपा विधायक फागू चौहान के राज्यपाल बनने के बाद यह सीट खाली हो गई थी। इसके चलते यहां पर उपचुनाव हो रहा। 23 सितंबर से शुरू हुए नामांकन का आखिरी दिन 30 सितंबर को सपा प्रत्याशी सुधाकर सिंह अपने समर्थकों के साथ नामांकन दाखिल करने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचे थे।
यहां पर नामांकन पत्र दाखिल कर वह चेक लिस्ट लेकर वापस लौट रहे थे, इस बीच उन्हें फोन करके रिटर्निग अफसर (निर्वाचन अधिकारी) विजय मिश्र ने बुलाया, रिटर्निंग अफसर ने प्रत्याशी को बताया कि पार्टी के द्वारा जारी फार्म एबी में से बी पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का हस्ताक्षर नहीं है। इस पर सपा प्रत्याशी और उनके समर्थकों ने पार्टी कार्यालय लखनऊ बात की।
इस दौरान पार्टी से हस्ताक्षर युक्त फार्म बी जारी किया गया। लेकिन व्हाट्सएप और मेल पर आए फार्म बी को रिटर्निंग अफसर ने अस्वीकार कर दिया, इस दौरान प्रत्याशी और प्रशासन के बीच काफी बहस हुई थी। इसके बाद आनन-फानन में उन्होने निर्दल से नामांकन कर दिया था।