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सोनभद्र में सरकारी स्कूल के 53 छात्रों को वायरल फीवर, 20 की हालत गंभीर
ब्यूरो,अमर उजाला,सोनभद्र
Updated Sun, 27 Aug 2017 06:07 PM IST
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अस्पताल में भर्ती बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
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सोनभद्र जिले के घोरावल स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय आश्रम पद्धति विद्यालय के 53 छात्र वायरल फीवर की चपेट में हैं। इनमें से 20 की हालत गंभीर है। इन्हें रविवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। दर्जनों छात्रों का विद्यालय में ही उपचार हुआ।
एसडीएम सादाब असलम का कहना है कि सभी बच्चों के बेहतर उपचार का निर्देश दिया गया है। इस विद्यालय के छात्रों की देखरेख में भारी लापरवाही बरती जा रही है। बच्चों ने दो दिन पूर्व अफसरों के निरीक्षण के दौरान ही मानक के अनुसार भोजन न मिलने समेत कई अन्य शिकायतें की थीं।
निरीक्षण के दौरान ही कई बच्चे बीमार मिले थे लेकिन तब विद्यालय की ओर से बच्चों के उपचार को लेकर कोई कदम नहीं उठाया गया।
इस लापरवाही का नतीजा रहा कि करीब 53 बच्चे वायरल फीवर से बीमार हैं और रविवार को 20 बच्चों को गंभीर हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। शनिवार को भी नौ बच्चों का सीएचसी से इलाज हुआ था। बच्चों के बीमार होने से हड़कंप मच गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विद्यालय पहुंचकर बच्चों का रक्त सैंपल भी लिया और बच्चों को दवा दी।
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डा. मुन्ना प्रसाद के अगुवाई में मेडिकल टीम ने विद्यालय में जाकर कुल 53 छात्रों का चेकअप कर उन्हें दवाई दी। रविवार की सुबह रविशंकर (17), अजीत (12), अरुण (10), राहुल (12), देवकुमार (18), रामचरण (15), युवराज (12), राघवेंद्र सिंह (8), ओम (10), विजय शंकर (12), अजय राज (10), शिवम (10), सतीश (18), रोहित (12), चंदन (12), बबुंदर (12), अजय (13), अखिलेश (13), अरविंद (9) और महेंद्र कुमार (14) की हालत गंभीर हो गई। उन्हें एंबुलेंस से ले जाकर सीएचसी में भर्ती कराया गया है। डा. मुन्ना प्रसाद ने बताया कि विद्यालय में कुल 53 छात्र वायरल फीवर से पीड़ित हैं। सभी छात्रों को दवा दे दिया गया है।
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एसडीएम सादाब असलम का कहना है कि सभी बच्चों के बेहतर उपचार का निर्देश दिया गया है। इस विद्यालय के छात्रों की देखरेख में भारी लापरवाही बरती जा रही है। बच्चों ने दो दिन पूर्व अफसरों के निरीक्षण के दौरान ही मानक के अनुसार भोजन न मिलने समेत कई अन्य शिकायतें की थीं।
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निरीक्षण के दौरान ही कई बच्चे बीमार मिले थे लेकिन तब विद्यालय की ओर से बच्चों के उपचार को लेकर कोई कदम नहीं उठाया गया।
इस लापरवाही का नतीजा रहा कि करीब 53 बच्चे वायरल फीवर से बीमार हैं और रविवार को 20 बच्चों को गंभीर हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। शनिवार को भी नौ बच्चों का सीएचसी से इलाज हुआ था। बच्चों के बीमार होने से हड़कंप मच गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विद्यालय पहुंचकर बच्चों का रक्त सैंपल भी लिया और बच्चों को दवा दी।
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डा. मुन्ना प्रसाद के अगुवाई में मेडिकल टीम ने विद्यालय में जाकर कुल 53 छात्रों का चेकअप कर उन्हें दवाई दी। रविवार की सुबह रविशंकर (17), अजीत (12), अरुण (10), राहुल (12), देवकुमार (18), रामचरण (15), युवराज (12), राघवेंद्र सिंह (8), ओम (10), विजय शंकर (12), अजय राज (10), शिवम (10), सतीश (18), रोहित (12), चंदन (12), बबुंदर (12), अजय (13), अखिलेश (13), अरविंद (9) और महेंद्र कुमार (14) की हालत गंभीर हो गई। उन्हें एंबुलेंस से ले जाकर सीएचसी में भर्ती कराया गया है। डा. मुन्ना प्रसाद ने बताया कि विद्यालय में कुल 53 छात्र वायरल फीवर से पीड़ित हैं। सभी छात्रों को दवा दे दिया गया है।
पूरे मामले की जांच कर देंगे डीएम को रिपोर्ट
अस्पताल में परेशान अभिभावक
- फोटो : अमर उजाला
एसडीएम सादाब असलम का कहना है कि छात्रों के बेहतर इलाज के लिए संबंधितों को निर्देश दिया गया है। छात्रों की ऐसी हालत क्यों हुई, किस स्तर पर लापरवाही हुई जो इतने बच्चे एक साथ बीमार हुए, बच्चों की खाने में गड़बड़ी की शिकायत समेत अन्य बिंदुुओं पर वे खुद जांच करेंगे और मामले की रिपोर्ट डीएम को सौंपेंगे। विद्यालय में कैंप लगाकर डॉक्टरों की टीम ने छात्रों का उपचार किया है। आश्रम पद्घति विद्यालय का दो दिन पूर्व ही डिप्टी डायरेक्ट एके यादव और समाज कल्याण अधिकारी केएल गुप्ता ने संयुक्त रूप से निरीक्षण किया था। तब भी कुछ बच्चों के बीमार होने की बात सामने आई थी लेकिन विद्यालय प्रशासन या फिर अफसरों के ओर से बीमार बच्चों के उपचार को लेकर कोई पहल नहीं हुई। बल्कि खाने में गड़बड़ी की शिकायत करने वाले सात बच्चों को अनुशासनहीनता के आरोप में यह कहकर घर भेज दिया गया कि वे अपने अभिभावकों को लेकर आएंगे तभी विद्यालय में इंट्री मिलेगी।