UP : सड़क पर उतरे छात्र, सामाजिक कार्यकर्ता और अधिवक्ता, राष्ट्रपति को भेजा पत्र; मनुस्मृति से जुड़ा है मामला
Varanasi News : बीएचयू में बीते 25 दिसंबर को मनुस्मृति पर चर्चा के लिए एक आयोजन किया गया था। इस दाैरान मनुस्मृति की प्रति जलाने के आरोप में प्रॉक्टोरियल बोर्ड की महिला सुरक्षाकर्मियों और छात्राओं के बीच जमकर मारपीट का एक वीडियो वायरल हुआ था। इसी मामले में पुलिस ने 13 छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया था। शनिवार को इसी के विरोध में आक्रोश मार्च निकाला गया।
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BHU में बीते 25 दिसंबर को मनुस्मृति पर चर्चा करने पर गिरफ्तार किए गए स्टूडेंट्स के समर्थन में रोष व्यक्त करते हुए उनकी रिहाई की मांग की गई। इस आक्रोश मार्च में बनारस के सामाजिक व राजनैतिक कार्यकर्ताओं, अधिवक्ताओं ने शास्त्री घाट से जिलाधिकारी कार्यालय तक विशाल मार्च निकाला। इस दाैरान निर्दोष स्टूडेंट्स को रिहा करो, बाबा साहब आंबेडकर अमर रहे... जैसे नारे लगाए गए।
कचहरी पहुंच कर प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी के प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा गया। उनसे मांग की गई कि छात्रों पर दर्ज FIR को तत्काल रद्द किया जाए। बताया कि इस मामले में पुलिस की भूमिका संदेहास्पद है। पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। साथियों को बिना शर्त तत्काल रिहा करने की मांग की गई। इस बाबत इससे पहले दी गई ज्ञापन में क्या कार्यवाही की गई है, इसकी भी मांग की गई।
इनकी रही उपस्थिति
छेदीलाल निराला, एसपी राय, अनूप श्रमिक, राम जनम चौधरी राजेंद्र, प्रवाल कुमार सिंह, अधिवक्ता राजेश कुमार यादव, अफलातून, आरडी सिंह, राजकुमार गुप्ता, लक्ष्मण प्रसाद मौर्या, संदीप कुमार, अशोक प्रजापति, मनीष शर्मा, सागर, शहजादी, शिवदास, विनय, चहेटू, मोहन और आकांक्षा सहित लगभग 60- 65 लोग शामिल रहे।