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अब तक 700 से ज्यादा अवैध निर्माण
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 05 May 2016 01:43 AM IST
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वरुणा के डूब क्षेत्र का सीमांकन करने पहुंची प्रशासनिक टीम और मौके पर जुटे आसपास के बाशिंदे।
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वरुणा कॉरिडोर के लिए नदी किनारे चल रही पैमाइश से डरे तटवासी अब सवाल उठाने लगे हैं। उनका कहना है कि अस्सी फीसदी लोगों का नक्शा पास नहीं करने वाले वीडीए ने 20 प्रतिशत होटल मालिकों और धन्ना सेठों का नक्शा आखिर किस आधार पर पास किया है। इसे लेकर लोग लामबंद होने लगे हैं। वे अब इस मामले को अदालत में ले जाने का मन बना रहे हैं। बुधवार को प्रशासन की टीम ने नक्खीघाट से पुराना पुल तक सीमांकन कर डूब क्षेत्र में अब तक 700 से अधिक अवैध निर्माणों को चिह्नित किया। सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट की प्रगति को परखने के लिए 10 मई को मुख्य सचिव यहां आ रहे हैं।
वरुणा कॉरिडोर के बाबत अपने कार्यालय में हुई बैठक में कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण ने वरुणा नदी के दोनों तरफ एसटीपी तक जाने वाली सीवर पाइप लाइन की कार्ययोजना को दो दिन के अंदर अंतिम रूप दिए जाने का निर्देश दिया। सिंचाई एवं जल निगम के अभियंताओं को संयुक्त रूप से मौके का स्थलीय निरीक्षण करने को कहा। मुख्य सचिव के आगमन के मद्देनजर सभी तैयारियों को दुरुस्त करने की ताकीद भी की। उधर, पैमाइश में लगी टीम में शामिल वीडीए, सिंचाई, राजस्व और नगर निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों ने डूब क्षेत्र में पड़ने वाले एक-एक मकान मालिक का नाम, पता, निर्माण का स्तर आदि नोट किया। वरुणा नदी के दोनों तरफ 50-50 मीटर दूरी तक ग्रीन बेल्ट का विकास होना है। पैमाइश से डूब क्षेत्र में निर्माण कराने वालों में खलबली मची है।
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वरुणा कॉरिडोर के बाबत अपने कार्यालय में हुई बैठक में कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण ने वरुणा नदी के दोनों तरफ एसटीपी तक जाने वाली सीवर पाइप लाइन की कार्ययोजना को दो दिन के अंदर अंतिम रूप दिए जाने का निर्देश दिया। सिंचाई एवं जल निगम के अभियंताओं को संयुक्त रूप से मौके का स्थलीय निरीक्षण करने को कहा। मुख्य सचिव के आगमन के मद्देनजर सभी तैयारियों को दुरुस्त करने की ताकीद भी की। उधर, पैमाइश में लगी टीम में शामिल वीडीए, सिंचाई, राजस्व और नगर निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों ने डूब क्षेत्र में पड़ने वाले एक-एक मकान मालिक का नाम, पता, निर्माण का स्तर आदि नोट किया। वरुणा नदी के दोनों तरफ 50-50 मीटर दूरी तक ग्रीन बेल्ट का विकास होना है। पैमाइश से डूब क्षेत्र में निर्माण कराने वालों में खलबली मची है।
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