बच्चों को मिला बदबूदार खाना: वाराणसी के स्कूलों में मिड-डे-मील में परोसे गए खराब चावल और सब्जी, बच्चों ने कूड़ेदान में फेंका
प्राथमिक विद्यालय ककरमत्ता और कबीरचौरा में यह गड़बड़ी सामने आई है। मिड-डे-मील की थाली में बच्चों खराब खाना परोसा गया, जब दुर्गंध आई तो बच्चे खराब खाने को कूड़ेदान में फेंक आए।
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वाराणसी में मिड-डे-मील (एमडीएम) में बदबूदार चावल और आलू-सोयाबीन की सब्जी परोसे जाने पर शनिवार को प्राथमिक विद्यालय ककरमत्ता के बच्चों ने थाली में परोसा गया खाना कूड़ेदान में फेंक दिया। इस तरह की घटना केवल ककरमत्ता में ही नहीं बल्कि कबीरचौरा में भी हुई है।
एमडीएम में गड़बड़ी मिलने और बच्चों द्वारा खाना फेंकने की जानकारी होने के बाद विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मच गया। बीएसए ने एमडीएम की व्यवस्था देखने वाले एनजीओ को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
शनिवार को मिड डे मील बनाने वाले एनजीओ ने खाना बनवाकर विद्यालय में भिजवा दिया। जब छात्र-छात्राओं ने खाना लिया तो उसमें दुर्गंध आ रही थी। इसके बाद एक-एक कर बच्चों ने इसकी शिकायत की। इसकी जानकारी बीएसए समेत अन्य अधिकारियों को हुई तो हड़कंप मच गया। जब रसोईया ने प्रधानाध्यापक को इसकी सूचना दी तो अन्य शिक्षक भी वहां पहुंच गए।
प्रधानाध्यापक मधु श्रीवास्तव ने बताया कि पहले बच्चों को दिया जाने वाला भोजन स्कूल में ही बनता था। अब एनजीओ के यहां से बना बनाया खाना आता है, जो बच्चों को परोसा जाता है। शनिवार को जब बच्चों को खाना दिया गया तो उसमें से दुर्गंध आ रही थी।
कबीरचौरा में बीएसए के सामने हुई शिकायत
ऐसा ही मामला बीएसए के सामने प्राथमिक विद्यालय कबीरचौरा में भी आया। यहां बच्चों ने इसकी शिकायत बीएसए से की। इसके बाद बीएसए ने मौके पर मौजूद प्रधानाध्यापक से इस बारे में जानकारी ली और तुरंत एनजीओ से जुड़े लोगों से स्पष्टीकरण मांगा है।
बीएसए राकेश सिंह ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय ककरमत्ता व कबीरचौरा में एमडीएम में खराब खाना परोसा गया है। इसको लेकर एनजीओ से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।