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रविदास जयंती 2022: बनारस में संत के सपनों के गांव में बसेगा लघु भारत, सीर गोवर्धन को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा
Wed, 09 Feb 2022 10:27 AM IST
वाराणसी ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 09 Feb 2022 10:27 AM IST
सार
बनारस में संत रविदास जयंती को लेकर सीर गोवर्धन क्षेत्र लघु भारत के रूप में आकार लेने लगा है। कई एकड़ क्षेत्र में देश-दुनिया से आने वाले अनुयायियों के रहने की व्यवस्था की गई है। राज्यों के हिसाब से लगाए गए टेंट भारत की विविधताओं का अहसास करा रहे हैं।
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सीर गोवर्धन में राज्यों के हिसाब से लगाए गए टेंट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सीर गोवर्धन की रज माथे से लगाने के लिए देश के कोने-कोने से रैदासियों का जत्था बनारस पहुंच रहा है। संत के सपनों का गांव बेगमपुरा अब धीरे-धीरे लघु भारत के रूप में तब्दील हो जाएगा। 12 फरवरी से सीर गोवर्धन में रैदासियों के आने का सिलसिला तेज हो जाएगा।
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राज्यों के हिसाब से लगाए गए टेंट हर आने वाले को भारत की विविधताओं का अहसास करा रहे हैं। पंजाब से आए सेवादारों के जत्थे ने अपनी-अपनी जिम्मेदारियां संभाल लीं। देर रात तक जत्थों के आने का सिलसिला जारी रहा। संत रविदास जन्मस्थान पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन संत निरंजन दास महाराज 13 फरवरी की दोपहर हजारों अनुयायियों के साथ जालंधर से विशेष ट्रेन से काशी के लिए रवाना होंगे।
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इस साल भी विदेशों से श्रद्धालु नहीं आएंगे
कोरोना संक्रमण के कारण दूसरे साल भी विदेशों से श्रद्धालु गुुरु के स्थान नहीं आ सकेंगे। सीर गोवर्धन को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है। मंदिर से लेकर मेला क्षेत्र में सजावट की जा रही है। प्रकाश व्यवस्था से लेकर सफाई के इंतजाम को बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन की टीम के साथ सेवादार भी जुटे हुए हैं।
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सीर गोवर्धनपुर में रोटी बनाती महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
मेला क्षेत्र में पंजाब, बिहार, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड, जम्मू, हरियाणा समेत अन्य राज्यों के अलग-अलग 55 से अधिक पंडाल तैयार हैं। पंडालों में हजारों की तादाद में अनुयायियों के शामिल होने की उम्मीद है। संत रविदास की जयंती की पूर्व संध्या पर संत निरंजन दास महाराज नगवां स्थित रविदास पार्क में दीपदान करेंगे। भजन मंडलियां गुरु रविदास के भजनों का गान करेंगी।
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