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Varanasi News: सर्जिकल देखभाल में कौशल आधारित प्रशिक्षण, अंतर विभागीय सहयोग जरूरी
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आईएमएस बीएचयू के डेंटल फैकल्टी की ओरल और मैक्सिलोफेशियल सर्जरी यूनिट की ओर से ट्रॉमा सेंटर में मास्टर क्लास बृहस्पतिवार से शुरू हुई। इस दौरान मुंह और जबड़े की सर्जरी से जुड़ी तकनीक पर विशेषज्ञों ने मंथन किया। मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने सर्जिकल देखभाल में कौशल आधारित प्रशिक्षण और अंतर विभागीय सहयोग को जरूरी बताया। कहा कि इसका लाभ निश्चित तौर पर मरीजों को मिलेगा।
ट्रॉमा सेंटर सभागार में छह जून तक चलने वाले इस मास्टर क्लास में ओरल और मैक्सिलोफेशियल सर्जरी के क्षेत्र से जुड़े 72 फैकल्टी सदस्य और दंत शल्य चिकित्सा में स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष के 97 मेडिकल छात्र शामिल है। कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने सभी वरिष्ठ संकाय सदस्यों के साथ अंतर-विभागीय सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया। शोध के अंतिम परिणामों को बेहतर बनाने के लिए बहु-विषयक दृष्टिकोण जारी रखने की बात कही। एसोसिएशन ऑफ ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन्स ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष डॉ. गोसला श्रीनिवास रेड्डी ने ऐसे आयोजन को चिकित्सकों के लिए उपयोगी बताया।
ट्रॉमा सेंटर प्रभारी प्रो. सौरभ सिंह ने आपातकालीन स्थितियों में गंभीर मैक्सिलोफेशियल ट्रॉमा (चेहरे और जबड़े की चोटों) के मामलों को संभालने में ओएमएफएस टीम के कार्यों की सराहना की। उन्होंने बीएचयू आने वाले मरीजों के लिए किफायती दरों पर ओरल कैंसर की सर्जरी और फ्री फ्लैप रिकंस्ट्रक्शन की पहल को उपयोगी बताया। आईएमएस बीएचयू के कार्यवाहक निदेशक प्रो. संजय गुप्ता, डेंटल फैकल्टी के डीन प्रो. एचसी बरनवाल ने इस तरह के कार्यक्रमों को युवा सर्जनों के लिए बेहतर बताया। स्वागत डॉ. नरेश कुमार शर्मा और धन्यवाद ज्ञापन प्रो. अखिलेश कुमार सिंह ने किया। इस दौरान प्रो. चंद्रेश जैसवारा, प्रो. नीरज कुमार धीमान, डॉ. ऋचिक त्रिपाठी मौजूद रहे।
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ट्रॉमा सेंटर सभागार में छह जून तक चलने वाले इस मास्टर क्लास में ओरल और मैक्सिलोफेशियल सर्जरी के क्षेत्र से जुड़े 72 फैकल्टी सदस्य और दंत शल्य चिकित्सा में स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष के 97 मेडिकल छात्र शामिल है। कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने सभी वरिष्ठ संकाय सदस्यों के साथ अंतर-विभागीय सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया। शोध के अंतिम परिणामों को बेहतर बनाने के लिए बहु-विषयक दृष्टिकोण जारी रखने की बात कही। एसोसिएशन ऑफ ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन्स ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष डॉ. गोसला श्रीनिवास रेड्डी ने ऐसे आयोजन को चिकित्सकों के लिए उपयोगी बताया।
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ट्रॉमा सेंटर प्रभारी प्रो. सौरभ सिंह ने आपातकालीन स्थितियों में गंभीर मैक्सिलोफेशियल ट्रॉमा (चेहरे और जबड़े की चोटों) के मामलों को संभालने में ओएमएफएस टीम के कार्यों की सराहना की। उन्होंने बीएचयू आने वाले मरीजों के लिए किफायती दरों पर ओरल कैंसर की सर्जरी और फ्री फ्लैप रिकंस्ट्रक्शन की पहल को उपयोगी बताया। आईएमएस बीएचयू के कार्यवाहक निदेशक प्रो. संजय गुप्ता, डेंटल फैकल्टी के डीन प्रो. एचसी बरनवाल ने इस तरह के कार्यक्रमों को युवा सर्जनों के लिए बेहतर बताया। स्वागत डॉ. नरेश कुमार शर्मा और धन्यवाद ज्ञापन प्रो. अखिलेश कुमार सिंह ने किया। इस दौरान प्रो. चंद्रेश जैसवारा, प्रो. नीरज कुमार धीमान, डॉ. ऋचिक त्रिपाठी मौजूद रहे।
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