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उफनाए नाले में छह लोग बहे: 48 घंटे बाद भी महिला का नहीं मिला सुराग, तलाश में जुटी एनडीआरएफ की टीम

Sun, 19 Mar 2023 09:23 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र
अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र Published by: उत्पल कांत Updated Sun, 19 Mar 2023 09:23 PM IST
सार

सोनभद्र के गढ़वान गांव में तेज बारिश के बाद अचानक उफनाए पहाड़ी नाले में बहे छह मजदूरों में से लापता महिला की तलाश रविवार को पूरे दिन जारी रही। पांच का शव शनिवार को ही मिल गया था। 

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Six people were swept away in overflowing drain in sonbhadra clue of Missing woman was not found
तलाश में जुटी एनडीआरएफ की टीम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोनभद्र के गढ़वान गांव में तेज बारिश के बाद अचानक उफनाए पहाड़ी नाले में बहे छह मजदूरों में से लापता महिला की तलाश रविवार को पूरे दिन जारी रही। वाराणसी से आई एनडीआरएफ की टीम ने बैतरा नाला व उससे ऊपर पहाड़ी पर शव की तलाश की। सोन नदी में भी नाव से घंटों महिला की तलाश में टीम लगी रही, लेकिन देर शाम तक सफलता नहीं मिली थी।

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रामपुर बरकोनिया के गढ़वान गांव निवासी आठ मजदूर शुक्रवार को लकड़ी बीनने गांव के समीप पैना नाले की ओर गए थे। अचानक शुरू हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि से बचने के लिए सभी नाले में ही बड़े पत्थर की आड़ में छिप गए। इसी बीच पहाड़ों पर हुई बारिश का पानी तेज बहाव के साथ अचानक नाले में आ गया। उफनाए नाले में सभी मजदूर बहने लगे।
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पेड़ों की जड़ में फंसने से दो मजदूर सुरक्षित रह गए, जबकि अन्य छह मजदूर पानी के साथ बह गए। रीना की सास संतरा देवी (60) का कहीं पता न चलने पर देर शाम वाराणसी से एनडीआरएफ की टीम को बुलाया गया। अंधेरा होने से शनिवार को तलाश नहीं हो सकी।

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रविवार की सुबह ही एनडीआरएफ की टीम ने बैतरा नाले से पैैना नाले और उसके आसपास की पहाड़ियों पर महिला की तलाश की। कहीं सुराग न मिलने पर टीम सोन नदी में उतरी। इस दौरान कोन पुलिस के साथ परिजन और ग्रामीण भी मौजूद रहे।
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एक साथ गांव पहुंचे पांच शवों को देख पसरा मौत का सन्नाटा

ओलावृष्टि और नाले में तेज बहाव के कारण मौत के आगोश में समाए महिलाओं और बच्चों के शव शनिवार की देर रात गांव पहुंचे। रविवार को गांव के बाहर घाट पर उनका अंतिम संस्कार हुआ। पूरा गांव शोक में था। पोस्टमार्टम के बाद गांव में शवों का पहुंचना देर रात से ही शुरू हो गया। पांचों शवों को उनके घरों में लाया गया।

गढ़वान गांव निवासी रमेश की पत्नी रीना, उसकी बेटी राजमति व भांजे विमलेश, के अलावा राजकुमारी व हीरावती का शव पहुंचा था। वहीं शुक्रवार की रात ही ओलावृष्टि से जान गंवाने वाली यशोदिया देवी का बैजनाथ गांव में पहुंचा। पूरे गांव की महिलाएं, पुरुष यहां शोक जताने को मौजूद रहे। बच्चों और महिलाओं के करुण क्रंदन से आसपास गम का माहौल रहा।

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