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पुण्यतिथि आज: सर सुंदरलाल ने बीएचयू की स्थापना में निभाई अहम भूमिका, संस्थापक कुलपति के रूप में भी दी थी सेवा
Sun, 13 Feb 2022 10:51 AM IST
वाराणसी ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 13 Feb 2022 10:51 AM IST
सार
वर्ष 1857 में 21 मई को नैनीताल में जन्मे सर सुंदरलाल का निधन 13 फरवरी को 1918 हो गया था। बीएचयू में स्थापना के समय 1916 में विश्वविद्यालय के पहले कुलपति की जिम्मेदारी मिलने के बाद वह विश्वविद्यालय को आगे बढ़ाने में लगे रहे।
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सर सुंदरलाल अस्पताल , बीएचयू
- फोटो : फाइल
विस्तार
सर सुंदरलाल जिनके नाम पर बीएचयू का अस्पताल हैं उनकी विश्वविद्यालय की स्थापना में अहम भूमिका रही है। विश्वविद्यालय के संस्थापक महामना पंडित मदन मोहन मालवीय के साथ ही स्थापना के लिए समय-समय पर होने वाली बैठकों, कार्यक्रमों में बढ़ चढ़कर भागीदारी करने के साथ ही इसके लिए हर संभव आर्थिक सहयोग भी किया था।
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के संस्थापक कुलपति के रूप में भी उनका अहम योगदान रहा है। वर्ष 1857 में 21 मई को नैनीताल में जन्मे सर सुंदरलाल का निधन 13 फरवरी को 1918 हो गया था। बीएचयू में स्थापना के समय 1916 में विश्वविद्यालय के पहले कुलपति की जिम्मेदारी मिलने के बाद वह विश्वविद्यालय को आगे बढ़ाने में लगे रहे।
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इसके अलावा इलाहाबाद विश्वविद्यालय में भी पहले भारतीय कुलपति के रूप में भी सर सुंदरलाल का नाम लिया जाता है। विश्वविद्यालय परिसर में मालवीय भवन में महामना मदन मोहन मालवीय के सर सुंदरलाल जी के साथ बातचीत सहित अन्य आयोजनों की यादगार तस्वीर भी लगी है।
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वर्तमान में आईएमएस बीएचयू में सर सुंदरलाल अस्पताल में केवल वाराणसी और आसपास के जिलों से ही नहीं बल्कि बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश तक के मरीज इलाज के लिए आते हैं।