सिग्नेचर बिल्डिंगः वाराणसी में डमरू के आकार वाली दो इमारतों के लिए शासन की सहमति, टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की कवायद
परियोजना के प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि कमिश्नरी परिसर में 6.44 एकड़ में एकीकृत मंडलीय कार्यालय प्रस्तावित है। भूतल और 18 मंजिला दो इमारतें पीपीपी मॉडल पर बनाई जाएंगी और इसमें करीब 250 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
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शिव की नगरी काशी में डमरू के आकार में बनने वाली सिग्नेचर बिल्डिंग के निर्माण को शासन की सहमति मिल गई है। मुख्य सचिव आरके तिवारी की मौजूदगी में मंगलवार को वर्चुअल माध्यम से परियोजना का प्रस्तुतीकरण किया गया। शासन से गठित समिति ने परियोजना को आगे बढ़ाने की सहमति दे दी है। 250 करोड़ रुपये लागत से बनने वाली 18 मंजिला दो इमारतों के लिए अब टेंडर प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।
परियोजना के प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि कमिश्नरी परिसर में 6.44 एकड़ में एकीकृत मंडलीय कार्यालय प्रस्तावित है। भूतल और 18 मंजिला दो इमारतें पीपीपी मॉडल पर बनाई जाएंगी और इसमें करीब 250 करोड़ रुपये की लागत आएगी। विकास प्राधिकरण की ओर से तैयार इस परियोजना के लिए शासन स्तर पर समिति का गठन किया गया है।
टीम ने परियोजना को पूरा करने के लिए धन जुटाने के प्रयास की जानकारी ली। इसमें बताया गया कि डमरू के आकार को दर्शाने वाली इस दो बहुमंजिली इमारत की परियोजना को पूरी तरह से पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप पर बनाया जाएगा। इसमें एक बिल्डिंग को सरकारी कार्यालय के लिए उपयोग किया जाएगा और दूसरी बिल्डिंग निर्माण करने वाली एजेंसी को मिलेगी।
इसमें होटल, कॉमर्शियल कांप्लेक्स, सहित अन्य तरह की गतिविधियों से इस परियोजना की लागत निकाली जा सकेगी। समिति ने परियोजना पर अपनी सहमति भी जताई। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि परियोजना का प्रस्तुतीकरण दिया गया है।
पुराने तहसील भवन को गिराने का काम शुरू
निष्प्रयोज्य हो चुके पुराने तहसील भवन को तोड़ने का काम शुरू हो गया है। यहां नौ मंजिला नया भवन प्रस्तावित है। इसमें आवासीय भवन के साथ ही कार्यालयों को जगह मुहैया कराने की योजना है। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि राजस्व परिषद की अनुमति के बाद तहसील भवन को गिरवाया जा रहा है।