UP News : ऐसा होगा गंगा में बनने वाला देश का पहला रेल रोड काशी ब्रिज, ब्लू प्रिंट जारी; PM ने किया X पोस्ट
Signature Bridge: गंगा में बनने वाले देश के पहले सिग्नेचर ब्रिज का डीपीआर फाइनल कर दिया गया है। इस ब्रिज को आगामी 100 साल के लिए रेलवे और सड़क यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए बनाने की योजना है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
काशी और चंदौली के डीडीयूनगर को जोड़ने वाले गंगा में प्रस्तावित रेल रोड काशी ब्रिज का डीपीआर फाइनल कर लिया गया है। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपनी प्रेसवार्ता में इसका जिक्र किया है। चार लेन का रेलवे ट्रैक और सिक्स लेन की ऊपर सड़क का ब्लू प्रिंट भी साझा किया है। रेलमंत्री ने बताया कि आगामी 100 साल के लिए रेलवे और सड़क यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए 2642 करोड़ से रेल रोड काशी ब्रिज का निर्माण किया जाएगा।
137 साल पुराने मालवीय पुल के 50 मीटर सामांतर बनने वाले रेल रोड काशी ब्रिज से काशी, चंदौली, बिहार, एमपी और छत्तीसगढ़ का जुड़ाव होगा। चारों दिशाओं में परिवहन को रफ्तार मिलेगी। 150 साल के लिए रेल रोड काशी ब्रिज को डिजाइन किया गया है।
रेल रोड काशी ब्रिज निर्माण के दौरान जो फाउंडेशन होगा, वह नदी के सतह से 120 फीट गहरा होगा। उसके ऊपर पीलर और फिर ब्रिज होगा। इकोनिक स्ट्रक्चर बनेगा। काशी स्टेशन के द्वितीय प्रवेश द्वार से यह ब्रिज नजदीक होगा।
नमो घाट से सटे हुए इस रेल रोड काशी ब्रिज के निर्माण में चार साल का समय लगेगा। जलमार्ग, रेलवे, सड़क और भोगौलिक परीक्षण हुआ। एक किलोमीटर से थोड़ा अधिक लंबा यह रेल रोड काशी ब्रिज होगा।
वाराणसी में रेल रोड काशी ब्रिज निर्माण को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एक्स पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा है कि काशीवासियों की सुख-सुविधा के लिए हम कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
काशीवासियों की सुख-सुविधा के लिए हम कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इसी कड़ी में गंगा पर एक रेल-सड़क पुल को मंजूरी दी गई है। इससे तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और यहां के लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने के साथ ही रोजगार और कारोबार के नए-नए अवसर भी बनेंगे। https://t.co/Ct2D0W9YBy
— Narendra Modi (@narendramodi) October 16, 2024
इसी कड़ी में गंगा पर एक रेल-सड़क पुल को मंजूरी दी गई है। इससे तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और यहां के लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने के साथ ही रोजगार और कारोबार के नए-नए अवसर भी बनेंगे।