अस्पतालों का मुआयना करने पहुंचे मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह, मरीज करते रह गए इंतजार
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प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह शनिवार को वाराणसी जिले के चार अस्पतालों का दौरा करने पहुंचे। यहां उन्होंने निर्माणाधीन भवनों को तो देखा लेकिन वार्डों में जाकर मरीजों से नहीं मिले। महिला अस्पताल में 100 बेड के निर्माणाधीन एमसीएच विंग को देखा, डॉक्टरों से बात की लेकिन ओपीडी और वार्ड में नहीं गए।
मंडलीय अस्पताल में सुविधाएं जानने कार्डियक वार्ड में गए लेकिन वहां भी बस दो मरीजों से ही मिले। इसके बाद रामनगर अस्पताल गए। वहां भी मरीज समस्याएं बताने के लिए वार्ड में मंत्री जी के आने का इंतजार करते रहे लेकिन निमार्णाधीन भवन देखकर यहां से भी निकल पड़े।
स्वास्थ्य मंत्री सुबह करीब 11 बजे मंडलीय अस्पताल की इमरजेंसी के पास पहुंचे और महिला अस्पताल में एमसीएच विंग देखने गए। यहां करीब आधे घंटे तक रहे। इसी बीच ओपीडी में मौजूद डॉक्टर बाहर आईं और फूल देकर स्वागत किया। उनसे स्वास्थ्य मंत्री ने ना केवल बातचीत की बल्कि तस्वीर भी खींचवाई।
मंत्री ने कहा कि सब कुछ ठीक रहा तो अगले महीने से एमसीएच विंग पीपीपी मॉडल पर शुरू हो जाएगा। मंडलीय अस्पताल के कार्डियक वार्ड गए लेकिन भर्ती करीब आठ मरीजों में गेट के पास मौजूद ही एक मरीज से मिले और तुरंत निकल पड़े। यहां के बाद बीएचयू चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय के बगल में बन रहे एमसीएच विंग के निर्माण कार्य का जायजा लिया।
लालबहादुर शास्त्री अस्पताल रामनगर में पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह का भर्ती मरीज इंतजार करते रहे। दोपहर 12 बजे वह पहुंचे और यहां तीमारदारों के लिए बने विश्राम गृह, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के बन रहे आवासों को देखा। यहां कूलर लगाने को कहा, साथ ही सड़क और सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने का निर्देश दिया।
इसी दौरान वहां मौजूद सोनारपुरा निवासी लक्ष्मी देवी एवं उसके पुत्र शुभम शर्मा ने अस्पताल से दवा न मिलने, बाहर की दवा लिखने और चोलापुर की रंगीला गुप्ता ने खाना ठीक से न मिलने की शिकायत की तो मंत्री ने इस पर हैरानी जताते हुए कहा कि ये मान नहीं सकते कि यहां दवा और खाना न मिले। इसके बाद वहां खड़े अन्य मरीज कुछ बोल पाने की हिम्मत नहीं जुटा सके।