शिया समुदाय ने ईद ए जेहरा की खुशियां धूमधाम से मनाईं। घरों और मस्जिदों को सजाया गया। दो महीने आठ दिन के गम के सिलसिले के बाद शिया समुदाय ने ईद ए जेहरा की खुशियों को एक दूसरे से साझा किया। शायरों ने अपने कलाम पेश किए और मौलाना ने तकरीर की। ख्वातीन ने नए लिबास पहने और स्वादिष्ट पकवान बनाए गए। ईद ए जेहरा पर लोगों ने दावत का सिलसिला भी जारी रखा और गरीबों को खाना व कपड़ा वितरित किया।
शनिवार को ईद ए जेहरा पर शहर भर में मजलिसों का भी आयोजन किया गया। इमानिया अरबी कॉलेज, जव्वादिया अरबी कॉलेज, दोषीपुरा में मजलिसें हुईं। इस अवसर पर लोगों ने एक दूसरे को ईद ए जेहरा की मुबारकबाद भी दीं। शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी फरमान हैदर ने बताया कि ईद ए जेहरा का आयोजन मोहम्मद साहब की बेटी जनाबे जेहरा के चेहरे पर आई मुस्कुराहट की खुशी में मनाया जाता है। वहीं इसी दिन शिया के आखिरी इमाम इमाम मेंहदी की ताजपोशी भी हुई थी। दोषीपुरा, बड़ी बाजार, अर्दली बाजार, कच्ची बाग, चौहट्टा लाल खान, मुकीमगंज, तेलीयानाला, पड़ाव, रामनगर, काली महाल, लल्लापुरा, दालमंडी, अर्दली बाजार, शिवपुर में ईद ए जहरा की महफिल सजाई गए । इस अवसर पर प्रो.अजीज हैदर, रेहान बनारसी, अतश बनारसी, इमरान हैदरी, मेंहदी बनारसी, शब्बीर बनारसी, रिजवान बनारसी, अंसार बनारसी, अम्बर तुराबी ने शिरकत की।