शारदीय नवरात्र 2026: मां शैलपुत्री मंदिर में तैयारी पूरी, चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर; ड्रोन से भी निगरानी
नवरात्र को लेकर शैलपुत्री मंदिर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पुलिस की नजर चप्पे-चप्पे पर रहेगी। श्रद्धालु डीएफएमडी से गुजरेंगे। चेकिंग के बाद उन्हें मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा।
विस्तार
नवरात्र को लेकर शैलपुत्री मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा तगड़ी होगी। मंदिर परिसर, प्रवेश व निकास द्वारों और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस फोर्स तैनात किए जाएंगे। डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (डीएफएमडी) और हैंड मेटल डिटेक्टर से श्रद्धालुओं की चेकिंग के बाद उन्हें मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। श्रद्धालुओं के आवागमन को सुव्यवस्थित रखने के लिए मजबूत बैरिकेडिंग और कतार की व्यवस्था की गई है।
शनिवार को अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था शिवहरी मीणा और डीसीपी काशी जोन गौरव बंशवाल ने शैलपुत्री मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। इस दौरान श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन-पूजन और प्रभावी यातायात व्यवस्था, बैरिकेडिंग व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि मंदिर परिसर, प्रवेश व निकास द्वारों तथा संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। श्रद्धालुओं के आवागमन को सुव्यवस्थित रखने के लिए मजबूत बैरिकेडिंग और कतार की व्यवस्था की गई है। प्रवेश द्वारों पर डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर और हैंड मेटल डिटेक्टर से हर किसी की जांच होगी।
प्रमुख मार्गों और चौराहों पर रूट डायवर्जन
यातायात प्रबंधन के लिए मंदिर की ओर आने वाले प्रमुख मार्गों व चौराहों पर रूट डायवर्जन और व्यवस्थित वाहन खड़ा करने की व्यवस्था की योजना तैयार की गई है। आपातकालीन सेवाओं और एंबुलेंस के आवागमन के लिए मार्ग पूरी तरह बाधामुक्त रखे जाएंगे। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सीसी कैमरों और ड्रोन से निगरानी की जाएगी। कंट्रोल रूम के जरिये संदिग्ध गतिविधियों और अत्यधिक भीड़ पर विशेष नजर रखी जाएगी।
अधिकारी बोले
महिला श्रद्धालुओं, बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों की सुरक्षा व सुविधा के लिए अलग सहायता व्यवस्था एवं सहायता केंद्र स्थापित किए जाएंगे। लापता या बिछड़े लोगों की मदद के लिए भी सहायता केंद्र बनाए जाएंगे। पर्याप्त संख्या में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। नगर निगम के सहयोग से मंदिर के रास्तों से अवैध अतिक्रमण हटाए जाएंगे। - गौरव बंशवाल, डीसीपी काशी