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Navratri 2023: शारदीय नवरात्र में कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त, इस समय को न चूकें, विजयादशमी कब?

Thu, 12 Oct 2023 06:11 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Thu, 12 Oct 2023 06:11 AM IST
सार

शक्ति की आराधना के नौ दिवसीय पर्व 15 अक्तूबर से 23 अक्तूबर तक मनाया जाएगा। शारदीय नवरात्र में दुर्गा सप्तशती के अनुसार भगवती की पूजा से सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। 

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Shardiya Navratri 2023 Shubh Muhurat for kalash sthapna  do not miss this time Vijaya dashami Date
शारदीय नवरात्र : कलश स्थापना व पूजन विधि - फोटो : Amar Ujala Digital

विस्तार

नवरात्र में मां जगतजननी भगवती सुख-समृद्धि का वरदान देती हैं। शक्ति की आराधना के नौ दिवसीय पर्व 15 अक्तूबर से 23 अक्तूबर तक मनाया जाएगा। शारदीय नवरात्र में दुर्गा सप्तशती के अनुसार भगवती की पूजा से सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। शरद ऋतु में दुर्गाजी की महापूजा से सभी बाधाएं दूर होती हैं। इस बार कलश स्थापना के लिए श्रद्धालुओं को 48 मिनट का अभिजीत मुहूर्त मिलेगा।

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काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के सदस्य पं. दीपक मालवीय ने बताया कि 15 अक्तूबर को दिन में 11:36 बजे से 12:24 बजे तक कलश स्थापना के लिए अभिजीत मुहूर्त रहेगा। इस बार 15 अक्तूबर को चित्रा नक्षत्र शाम को 6:13 बजे तक और वैधृति योग अर्थात भद्रा सुबह 10:24 बजे तक रहेगी। भद्रा में कलश की स्थापना नहीं की जाती है।

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अष्टमी तिथि रात्रि आठ बजे तक

ज्योतिषाचार्य विमल जैन ने बताया कि षष्ठी तिथि 19 अक्तूबर को रात्रि 12:32 बजे से शुरू होकर 20 अक्तूबर को रात्रि 11:26 बजे तक रहेगी। सप्तमी तिथि 20 अक्तूबर को रात्रि 11:26 बजे से 21 अक्तूबर को रात्रि 9:54 बजे तक रहेगी। अष्टमी तिथि उदया के अनुसार लग जाएगी जो कि 22 अक्तूबर को रात्रि आठ बजे तक रहेगी।

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कलश स्थापना

इसके बाद नवमी तिथि लगेगी जो 23 अक्तूबर की शाम 5:45 मिनट तक रहेगी। इसके बाद दशमी तिथि आरंभ होगी जो अगले दिन 24 अक्तूबर को दिन में 3:15 बजे तक रहेगी। अष्टमी तिथि का पूजन 21 अक्तूबर को रात्रि में होगा लेकिन व्रत उदया तिथि के अनुसार 22 अक्तूबर को होगा। नवरात्र का पारण 24 अक्तूबर को किया जाएगा। इसी दिन दशमी तिथि दिन में 3:15 बजे तक रहेगी और विजया दशमी का पर्व मनाया जाएगा।

ज्येष्ठा नक्षत्र की होगी 18 से शुरुआत

ज्येष्ठा नक्षत्र 18 अक्तूबर को रात्रि 9:01 बजे से 19 अक्तूबर को रात्रि 9:04 बजे तक, मूल नक्षत्र 19 अक्तूबर को रात्रि 9:04 बजे से 20 अक्तूबर को रात्रि 8:41 बजे तक रहेगा। पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र 20 अक्तूबर को रात्रि 8:41 बजे से 21 अक्तूबर को रात्रि 7:54 बजे तक।

उत्तराषाढ़ा नक्षत्र 21 अक्तूबर को रात्रि 7:54 बजे से 22 अक्तूबर को शाम 6:44 बजे तक रहेगा। श्रवण नक्षत्र 22 अक्तूबर को शाम 6:44 बजे से 23 अक्तूबर को शाम 5:14 बजे तक और घनिष्ठा नक्षत्र 23 अक्तूबर को शाम 5:14 बजे से 24 अक्तूबर को 3:28 बजे तक रहेगा।

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