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Varanasi News: घोड़ा नाले से 120 मीटर पहले डायवर्ट किया जा रहा सीवर, रोपवे पाइलिंग के दौरान क्षतिग्रस्त हुआ था
Sun, 29 Jun 2025 10:38 PM IST
नितीश कुमार पांडेय
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
Published by: नितीश कुमार पांडेय
Updated Sun, 29 Jun 2025 10:38 PM IST
सार
रोपवे की पाइलिंग के दौरान 25 फीट नीचे क्षतिग्रस्त घोड़ा नाला से 120 मीटर पहले सीवर डायवर्ट किया जा रहा है। पंपिंग सेट लगाकर सीवेज शाही नाले में भेजा जा रहा है ताकि मरम्मत का काम किया जा सके।
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शाही नाला वाराणसी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गोदौलिया चौराहे के समीप रोपवे की पाइलिंग के दौरान 25 फीट नीचे क्षतिग्रस्त हुए घोड़ा नाले के सीवर के पानी को 120 मीटर पहले डायवर्ट किया जा रहा है। लक्सा रोड पर निदान केंद्र के पास से पंपिंग सेट लगाकर सीवर के पानी को घोड़ा नाला से 100 मीटर आगे शाही नाले में भेजा जा रहा है। ताकि घोड़ा नाले की मरम्मत की जा सकी और इस दौरान सीवर का अधिक प्रेशर न हो।
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शाही नाला जिसे मुगलों ने सुरंग के रूप में विकसित किया था। बाद में ब्रिटिश हुकूमत ने उसे सीवर व्यवस्था में तब्दील कर दिया। नाले की उम्र 200 साल से भी ज्यादा हो गई। जगह-जगह तोड़फोड़ कर लोगों ने अपनी सीवर लाइन जुड़वा ली है। इसकी मरम्मत के लिए रोबोटिक कैमरे से मदद ली गई थी। जल निगम के इंजीनियरों के अनुसार सुरक्षा के सभी उपाय किए जा रहे हैं।
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नाले के अंदर कुछ भाग काफी खतरनाक हैं। बारिश के मौसम में नाले की मरम्मत किसी चुनौती से कम नहीं है। फिर भी काम को जल्द से जल्द पूरा कराया जाएगा। इस काम को 40 से 50 दिन में पूरा कराया जाएगा। यह शाही नाले का ही एक हिस्सा है। जिस पर शहर की पूरी सीवर व्यवस्था टिकी है। रोपवे का निर्माण करने वाली एजेंसी के लापरवाह इंजीनियरों के चलते यह घटना हुई है। अब इसे ठीक किया जाएगा।
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