फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Seven rounds, ten mess, varanasi

सात फेरे, दस झमेले

Thu, 24 Nov 2016 02:19 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला वाराणसी
ब्यूरो, अमर उजाला वाराणसी Updated Thu, 24 Nov 2016 02:19 AM IST
विज्ञापन
Seven rounds, ten mess, varanasi
बैंक के बाहर लगी ग्राहकों की कतार।
सरकार के नोटबंदी के फैसले के बाद जिन लोगों को सर्वाधिक परेशानी हो रही है, उनमें वे परिवार भी शामिल हैं जिनके यहां बेटे-बेटियों की शादियां होनी हैं। शादी की तारीख तय हो चुकी है। निमंत्रण कार्ड तक छप गए हैं लेकिन बैंक से रुपये न मिलने से तैयारियां जहां की तहां ठिठकी पड़ी हैं। शादी की तैयारियां कैसे होंगी, इस फिक्र में ये परिवार बेचैन हैं। बरसों से पाई-पाई जोड़कर जो रकम अपने बैंक खातों में माता-पिता ने बड़े अरमान से बेटे-बेटियों की शादी के लिए जमा की थी, अब उसी रकम को निकालने के लिए एड़ी-चोटी का जोर एक करने के बाद भी उन्हें मायूस रह जाना पड़ रहा है।
विज्ञापन


उनके लिए ही नहीं, भावी दूल्हा-दुल्हन के लिए भी सात फेरों से पहले बैंकों से जमा रकम निकालने के लिए दस तरह के झमेलों से पार पाना आसान नहीं। सरकार की घोषणा के बाद भी शादी वाले परिवारों को बैंकों से ढाई लाख रुपये की रकम सहजता से हासिल नहीं हो पा रही है। वहीं, बैंक प्रबंधनों का दावा है कि जो परिवार आरबीआई से तय गाइड लाइन को पूरा कर रहे हैं उन्हें निर्धारित रकम अदा की जा रही है।
विज्ञापन



 बेनीपुर निवासी मार्कण्डेय यादव का यूनियन बैंक दानगंज में खाता है। पंद्रह दिन पहले किसी तरह परिचितों से उधार लेकर उन्होंने बेटे की शादी तो कर दी लेकिन अब खाते में रकम होने के बावजूद लोगों के पैसे चुकता करने की कोई राह उन्हें सूझ नहीं रही। बताया कि बैंक जाकर उन्होंने निमंत्रण पत्र दिखाया और ढाई लाख रुपये के लिए आवेदन किया लेकिन बीस हजार रुपये ही दिए गए। अब देनदारों के पैसे कैसे दें, यह चिंता परेशान किए हुए है।
विज्ञापन
विज्ञापन



चोलापुर ब्लाक के नियार गांव निवासी विजय विश्वकर्मा की परेशानी इससे भी बढ़कर है। विजय की शादी एक दिसंबर को होनी है। खाते से पैसा न निकल पाने से अब तक तैयारियां नहीं हो पाई हैं। उन्होंने बताया कि काशी गोमती संयुत ग्रामीण बैंक की नियार शाखा में 50 हजार रुपये के लिए फार्म भरा लेकिन बहुत आरजू-मिन्नत के बाद भी महज दस हजार रुपये दिए गए, उसमें भी कई नोट कटे-फटे और जले थे। हफ्ते भर का समय रह गया है और शादी की तैयारियां फीकी पड़ी हैं। नियार गांव के ही अनिल चौबे के घर भी शादी है। बताया कि वह हफ्ते भर से रोजाना बैंक का चक्कर लगा रहे हैं लेकिन 50 हजार रुपये की जगह अब तक महज एक हजार रुपये मिल पाए हैं।



रामनगर के  मच्छरहट्टा निवासी तारा देवी के बेटे की शादी पांच दिसंबर को है। पूरे परिवार की एक ही चिंता है कि किसी तरह बैंक खाते से पैसे निकल जाएं और जल्द से जल्द तैयारियां पूरी की जाएं। तारा देवी ने बताया कि वह परिवार के साथ रोजाना काशी गोमती संयुत ग्रामीण बैंक जा रही हैं लेकिन खाते में पैसा होने के बाद भी भुगतान नहीं किया जा रहा है। इससे पूरा परिवार चिंतित है। जल्द पैसा नहीं मिला तो भगवान ही मालिक। रामनगर के ही पीएन कॉलेज के लिपिक सूचित प्रसाद की बेटी की शादी एक दिसंबर को होनी है। वह अपने खाते से पैसे निकालने के लिए काशी गोमती संयुत ग्रामीण बैंक की स्थानीय शाखा पर गए तो बताया गया कि कैश ही उपलब्ध नहीं है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed