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प.बंगालः तृणमूल नेता की गोली मारकर हत्या, सात आरोपी वाराणसी में गिरफ्तार

Wed, 29 Nov 2017 02:09 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी Updated Wed, 29 Nov 2017 02:09 PM IST
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seven person arrest in varanasi in charge of TMC leader murder
हुगली की भद्रेसर नगर पालिका अध्यक्ष की 21 नवंबर को हुई थी हत्या - फोटो : अमर उजाला
पश्चिम बंगाल के हुगली जिले की भद्रेसर नगर पालिका अध्यक्ष व तृणमूल नेता मनोज उपाध्याय की हत्या के मामले में कोलकाता पुलिस ने यूपी एटीएस की मदद से वाराणसी में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी सोमवार की देर रात  दशाश्वमेध क्षेत्र के भोलानाथ गेस्ट हाउस के पास से हुई। आरोपी बीते 21 नवंबर को हत्या के बाद से फरार थे। चार दिन पहले वे वाराणसी आए और एक गेस्ट हाउस में दर्शनार्थी बनकर रहे थे।  
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सर्विलांस की मदद से कोलकाता पुलिस को उनकी लोकेशन मिली थी। एटीएस की मदद से उन्हें गिरफ्तार करने के बाद मंगलवार को स्पेशल सीजेएम उमाकांत जिंदल की अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर लिया गया। इस दौरान हुगली जिले के एडिशनल डीसीपी अतुल विश्वनाथन, एटीएस वाराणसी के प्रभारी उपेंद्र सिंह भी मौजूद थे।
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प. बंगाल पुलिस ने यूपी एटीएस के आईजी असीम अरुण को हत्यारोपियों के वाराणसी में छिपे होने की सूचना दी थी। आईजी के निर्देश पर एटीएस वाराणसी की टीम ने कोलकाता पुलिस की मदद से गिरफ्तारी की। गिरफ्तार राजू चौधरी, आकाश चौधरी, दूबे पाकड़े, राजेश चौधरी, कृष्णा चौधरी, संतोष प्रसाद, रतन चौधरी समेत सातों आरोपी हुगली जिले के  ही रहने वाले हैं।
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स्थानीय पुलिस ने अगर गेस्ट हाउस की जांच की होती और उसमें रहने वालों का सत्यापन कराया होता तो आरोपी पहले ही पकड़ लिए जाते। एसएसपी आरके भारद्वाज ने सभी थानेदारों को गेस्ट हाउस, होटल और मकानों में किराए पर रहने वाले लोगों का सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद भी थानेदार बेपरवाह बने हैं।

बिहार के रहने वाले थे तृणमूल नेता

seven person arrest in varanasi in charge of TMC leader murder
फायरिंग
बदमाशों की गोली का निशाना बनने वाले चेयरमैन मनोज उपाध्याय मूल से बिहार के ‌डिहरी ऑन सोन के निवासी थे। पुलिस रिकार्ड के मुताबिक हत्या के चार मामलों में मनोज और राजू एक साथ सहआरोपित रहे हैं। मनोज और राजू ने वर्ष 2000 से राजनीति में दखल शुरू किया।

कुछ दिनों तक तो वाम दलों के साथ रहे लेकिन तृणमूल की शुरूआत से मुकुल राय ने दोनों को अपनी टीम में शामिल किया। पिछले दिनों दुर्गापूजा के समय राजू चौधरी की हत्या के लिए पांच लाख की सुपारी किसी बदमाश को दी गई थी।

इसकी भनक लगने के बाद वह सतर्क हो गया। बताया जाता है कि  नगरपालिका के चेयरमैन एवं तृणमूल कांग्रेस नेता मनोज उपाध्याय और उनकी हत्या करने वाले राजू चौधरी दोनों ही पहले मुकुल रॉय से जुड़े थे।

चेयरमैन का टिकट भी उन्हीं की पैरवी से मिला था। मुकल रॉय के पार्टी छोड़ने पर राजू तो उनके साथ रहा लेकिन मनोज ने सत्ता का दामन थाम लिया। 
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