काशी में कैमरों का सुरक्षा कवच: त्रिनेत्र भवन से जुड़े 356 लोगों के निजी कैमरे, 720 लोकेशन पर 2300 CCTV; अलर्ट
वाराणसी में स्मार्ट सिटी ने 720 लोकेशन पर करीब 2300 सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। अब तक 356 निजी कैमरों को भी नेटवर्क से जोड़ा जा चुका है। इनमें पेट्रोल पंप, आभूषण कारोबारी और कॉलोनियों के कैमरे शामिल हैं। कैमरों से यातायात नियंत्रण, चालान और यात्रियों का गुम सामान तलाशने में मदद मिल रही है।
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शहर में यातायात व्यवस्था से लेकर अपराध नियंत्रण और यात्रियों का छूटा सामान तलाशने तक में सीसीटीवी कैमरे महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। स्मार्ट सिटी की ओर से शहर की 720 लोकेशन पर करीब 2300 कैमरे लगाए गए हैं। अब इस निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए निजी सीसीटीवी कैमरों को भी नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। अब तक 356 निजी कैमरों को इससे जोड़ा जा चुका है।
इन निजी कैमरों में प्रमुख पेट्रोल पंप, आभूषण कारोबारी और विभिन्न कॉलोनियों में लगे कैमरे शामिल हैं। शहर के अलग-अलग हिस्सों में घरों और प्रतिष्ठानों के बाहर लोगों की ओर से लगाए गए कैमरों को नेटवर्क से जोड़ने का उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था का दायरा बढ़ाना है। इससे पुलिस को किसी घटना के बाद आसपास के क्षेत्रों की गतिविधियों की जानकारी जुटाने में मदद मिल रही है।
स्मार्ट सिटी अधिकारियों के अनुसार, कैमरों की मदद से यातायात व्यवस्था नियंत्रित करने के साथ नियम तोड़ने वाले वाहनों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की जाती है। इसके अलावा बाहर से वाराणसी आने वाले यात्रियों का सामान कहीं छूट जाने या गुम होने पर भी कैमरों की फुटेज खंगालकर उसे तलाशने में मदद मिलती है।
शहर में लगे कैमरों की निगरानी त्रिनेत्र स्मार्ट सिटी कंट्रोल रूम से की जाती है। कंट्रोल रूम को 24 घंटे संचालित करने के लिए अलग-अलग शिफ्ट में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। यहां 10 से अधिक पुलिसकर्मियों की एक टीम काम करती है। इसके अलावा ट्रैफिक पुलिस की टीम भी अलग से तैनात रहती है।
चौराहों की निगरानी और तकनीकी व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए करीब दो दर्जन कर्मचारियों की टीम भी काम करती है। कुल मिलाकर 100 से अधिक कर्मचारी अलग-अलग शिफ्ट में चौबीस घंटे कंट्रोल रूम और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं को संचालित करने में जुटे रहते हैं। स्मार्ट सिटी की पीआरओ शाकंभरी ने बताया कि कैमरों की निगरानी पुलिस करती है। स्मार्ट सिटी की ओर से पुलिस को तकनीकी स्तर पर सहयोग उपलब्ध कराया जाता है।