{"_id":"59257c554f1c1bd74a53648e","slug":"seasonal-disease-patients-increasing-in-varanasi-hospital","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मौसमी बीमारियों के जद में बनारस, अस्पतालों में बढ़ी भीड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मौसमी बीमारियों के जद में बनारस, अस्पतालों में बढ़ी भीड़
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Wed, 24 May 2017 05:58 PM IST
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मंडलीय, बीएचयू अस्पताल की ओपीडी, इमरजेंसी में बढ़े मरीज
- फोटो : अमर उजाला
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दिन में चिलचिलाती धूप, शाम को उमस। तापमान में जैसे-जैसे वृद्धि होती जा रही है, वैसे ही मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। धूप से आने के बाद तुरंत ठंडा पानी पीने से सर्दी, खांसी तो असंतुलित भोजन से पेट संबंधी बीमारी हो रही है।
जिला, मंडलीय अस्पताल के साथ ही बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल की ओपीडी में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ रही है। बच्चे निमोनिया और डायरिया से ग्रस्त हो रहे हैं। मंडलीय अस्पताल की इमरजेंसी, चिल्ड्रेन वार्ड में एक सप्ताह में बच्चों की संख्या में इजाफा हुआ है।
अस्पतालों में इन दिनों आने वाले मरीजों में सबसे अधिक पेट संबंधी बीमारी, सर्दी, बुखार, गला, नाक जाम होने के साथ ही खुजली, चेहरे पर जलन आदि के मरीज पहुंच रहे हैं।
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इसमें पूरी बांह का कपड़ा न पहनने की वजह से जहां हाथ पर खुजली के साथ चकत्ते की शिकायत मिल रही है वहीं खान-पान पर ध्यान न देने से उल्टी-दस्त का खतरा है। बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी में मरीजों की संख्या इतनी बढ़ गई हैं कि यहां बेड कम पड़ने पर कई लोगों को स्ट्रेचर पर भर्ती किया गया है।
यहां की ओपीडी में भी मरीज अधिक पहुंच रहे हैं। उधर मंडलीय अस्पताल में 20 बेड वाले चिल्ड्रेन वार्ड में इन दिनों पंद्रह मरीज भर्ती हैं, जबकि आठ दिन पहले यहां दस बच्चे भर्ती थे।
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जिला, मंडलीय अस्पताल के साथ ही बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल की ओपीडी में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ रही है। बच्चे निमोनिया और डायरिया से ग्रस्त हो रहे हैं। मंडलीय अस्पताल की इमरजेंसी, चिल्ड्रेन वार्ड में एक सप्ताह में बच्चों की संख्या में इजाफा हुआ है।
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अस्पतालों में इन दिनों आने वाले मरीजों में सबसे अधिक पेट संबंधी बीमारी, सर्दी, बुखार, गला, नाक जाम होने के साथ ही खुजली, चेहरे पर जलन आदि के मरीज पहुंच रहे हैं।
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इसमें पूरी बांह का कपड़ा न पहनने की वजह से जहां हाथ पर खुजली के साथ चकत्ते की शिकायत मिल रही है वहीं खान-पान पर ध्यान न देने से उल्टी-दस्त का खतरा है। बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी में मरीजों की संख्या इतनी बढ़ गई हैं कि यहां बेड कम पड़ने पर कई लोगों को स्ट्रेचर पर भर्ती किया गया है।
यहां की ओपीडी में भी मरीज अधिक पहुंच रहे हैं। उधर मंडलीय अस्पताल में 20 बेड वाले चिल्ड्रेन वार्ड में इन दिनों पंद्रह मरीज भर्ती हैं, जबकि आठ दिन पहले यहां दस बच्चे भर्ती थे।
इन उपायों के अपनाकर दूर भगाएं मौसमी बीमारी
चर्म रोग, पेट संबंधी बीमारी, वायरल फीवर के मरीजों की संख्या अधिक
- फोटो : अमर उजाला
सुपाच्य भोजन करें, अधिक पानी पीएं
शरीर को ढककर बाहर निकलें
मौसमी फल और हरी सब्जियों का सेवन करें
रात में खुले में न सोएं, मच्छरदानी लगाएं
मौसम बदलने के साथ ही बच्चों में निमोनिया का खतरा बढ़ जाता है। उनकी सेहत पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। पूरी बांह का कपड़ा पहनाएं और उनके खान-पान पर विशेष ध्यान दें। - डॉ. वीके श्रीवास्तव, बाल रोग विशेषज्ञ
शरीर को ढककर बाहर निकलें
मौसमी फल और हरी सब्जियों का सेवन करें
रात में खुले में न सोएं, मच्छरदानी लगाएं
मौसम बदलने के साथ ही बच्चों में निमोनिया का खतरा बढ़ जाता है। उनकी सेहत पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। पूरी बांह का कपड़ा पहनाएं और उनके खान-पान पर विशेष ध्यान दें। - डॉ. वीके श्रीवास्तव, बाल रोग विशेषज्ञ