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Varanasi News: जेईई-नीट की निशुल्क तैयारी के लिए 37,038 की स्क्रीनिंग, 60 जरूरतमंद छात्रों का होगा चयन
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वाराणसी। जिले में जेईई और नीट परीक्षाओं की निशुल्क तैयारी के लिए 37,038 छात्रों ने स्क्रीनिंग कराई। इनमें से 265 छात्र नीट और 357 छात्र जेईई के दूसरे चरण में प्रवेश कर गए हैं, वहीं अब तीसरे चरण में दोनों परीक्षाओं के लिए 30-30 छात्रों का अंतिम चयन किया जाएगा। इन्हें ही इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी कराई जाएगी।
सप्ताह भर पहले जिला प्रशासन और फिजिक्सवाला कोचिंग के बीच समझौता कर इस कार्यक्रम की शुरुआत की गई थी। तीसरे चरण को पास कर चुके 60 अभ्यर्थियों को फिजिक्सवाला में मुफ्त दाखिला दिया जाएगा। डीएम सत्येंद्र कुमार ने बताया कि सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ रहे सामाजिक-आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों की तैयारी कराई जाएगी। प्रतिभावान छात्रों को अवसर दिया जा रहा है। यह पहल शिक्षा में योग्यता, समानता और समावेश को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम है।
ऑफलाइन मोड में होंगी सभी कक्षाएं : सीडीओ
मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह ने बताया कि इसमें सभी कक्षाएं ऑफलाइन मोड में आयोजित की जाएंगी। इस कार्यक्रम से होनहार बच्चों के माता-पिता को इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी कराने में आसानी होगी। चयनित छात्रों को उनकी तैयारी के दौरान विशेषज्ञ मार्गदर्शन देंगे। इसमें व्यवस्थित शिक्षण, मूल्यांकन और परामर्श सहायता शामिल है। शैक्षणिक कार्यक्रम के अंतर्गत वस्तुनिष्ठ परीक्षा, व्यक्तिपरक मूल्यांकन और व्यक्तिगत साक्षात्कार के बाद ही नि:शुल्क कोचिंग के लिए छात्र और छात्राओं का चयन किया जाएगा।
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सप्ताह भर पहले जिला प्रशासन और फिजिक्सवाला कोचिंग के बीच समझौता कर इस कार्यक्रम की शुरुआत की गई थी। तीसरे चरण को पास कर चुके 60 अभ्यर्थियों को फिजिक्सवाला में मुफ्त दाखिला दिया जाएगा। डीएम सत्येंद्र कुमार ने बताया कि सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ रहे सामाजिक-आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों की तैयारी कराई जाएगी। प्रतिभावान छात्रों को अवसर दिया जा रहा है। यह पहल शिक्षा में योग्यता, समानता और समावेश को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम है।
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ऑफलाइन मोड में होंगी सभी कक्षाएं : सीडीओ
मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह ने बताया कि इसमें सभी कक्षाएं ऑफलाइन मोड में आयोजित की जाएंगी। इस कार्यक्रम से होनहार बच्चों के माता-पिता को इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी कराने में आसानी होगी। चयनित छात्रों को उनकी तैयारी के दौरान विशेषज्ञ मार्गदर्शन देंगे। इसमें व्यवस्थित शिक्षण, मूल्यांकन और परामर्श सहायता शामिल है। शैक्षणिक कार्यक्रम के अंतर्गत वस्तुनिष्ठ परीक्षा, व्यक्तिपरक मूल्यांकन और व्यक्तिगत साक्षात्कार के बाद ही नि:शुल्क कोचिंग के लिए छात्र और छात्राओं का चयन किया जाएगा।
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