School Open: 40 दिन बाद दोस्तों से मिले, अब करेंगे पढ़ाई, माला पहनाकर बच्चों का स्वागत; MDM में बंटी खीर और फल
Varanasi News: स्कूल खुलते ही बच्चों ने अपनी-अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। शिक्षकों ने माला पहनाकर उनका स्वागत किया। देशभक्ति गीत बजाए गए। इसके बाद खेलकूद और पढ़ाई-लिखाई की गई।
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स्कूल-कॉलेजों में सोमवार को नए शैक्षणिक सत्र का विधिवत आगाज हुआ। बेसिक स्कूलों में सत्र का पहला दिन उत्सवी हो गया। विद्यालय परिसर को रंग-बिरंगे गुब्बारों और फूल-पत्तियों से सजाया गया। मंत्री-विधायकों ने बच्चों को एमडीएम में खीर, हलवा, बिस्कुट और फल वितरित किए।
बच्चों में पुस्तकें बांटी गईं और कई जगह स्कूल चलो अभियान की रैली निकली। माध्यमिक विद्यालयों में भी लंबे समय बाद रौनक लौटी। छात्र-छात्राएं सहपाठियों से मिले तो उनके चेहरे खिल गए। कक्षा 10 और 12 में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों ने छुट्टी के दौरान के होमवर्क और अतिरिक्त शैक्षणिक गतिविधियों पर चर्चा की।
कंपोजिट विद्यालय महमूरगंज में आयोजित प्रवेशोत्सव के मुख्य कार्यक्रम में राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ और कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने बच्चों का स्वागत किया। इस दौरान एमडीएम में खीर और फल का वितरण मंत्री, विधायक और जिला बेसिक शिक्षाधिकारी डॉ. अरविंद पाठक ने अपने हाथों से किया।
अतिथियों ने बच्चों को पुस्तकें भी वितरित कीं। इस मौके पर अभिभावकों को भी पुरस्कृत किया गया। मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ने कहा कि सरकार जिले के सभी 1143 बेसिक स्कूलों का कायाकल्प कर रही है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. अरविंद पाठक ने कहा कि सभी विद्यालयों में प्रवेशोत्सव का आयोजन किया गया। संचालन प्रधानाध्यापक प्रीति त्रिवेदी ने किया। कंपोजिट विद्यालय केसरीपुर में जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य ने बच्चों का रोली-टीका लगाकर स्वागत किया।
नगर क्षेत्र के कबीरचौरा विद्यालय पर विधायक नीलकंठ तिवारी ने बच्चों का स्वागत किया। विकास खंडों में खंड विकास अधिकारियों ने बच्चों का माला पहनाकर बैंडबाजे के साथ स्वागत किया।
स्कूलों में लौटी रौनक
प्राथमिक विद्यालय मड़वा में प्रधानाध्यापक शिवाजी सिंह, अध्यापक हरिश्चंद्र सिंह, दीपशिखा, प्रतिमा, प्रदीप मिश्रा आदि ने बच्चों का स्वागत किया। प्राथमिक विद्यालय मनियारीपुर में प्रधानाध्यापक सुरेंद्र सिंह और अध्यापिकाओं ने बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत किया। शिवपुर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय भरलाई तरना में प्रधानाध्यापिका अमृता सिंह ने पूजा-पाठ के बाद बच्चों का स्वागत किया।
अध्यापक सुनील पांडेय, राधा दुबे, हेमलता, रीमा पांडेय आदि मौजूद रहीं। चिरईगांव क्षेत्र के जाल्हूपुर जूनियर हाईस्कूल में प्रधानाध्यापक विपिन मिश्रा ने शिक्षकों के साथ बच्चों का स्वागत किया। इसके अलावा फूलपुर, रमना, पंचराव आदि विद्यालयों में भी पहले दिन उत्सवी माहौल रहा।
प्रवेश उत्सव का रहा उल्लास
रोहनिया क्षेत्र के हरदत्तपुर में प्रधानाध्यापिका पूनम चौरसिया ने माल्यार्पण और तिलक लगाकर बच्चों का स्वागत किया। यहां स्कूल चलो अभियान की रैली भी निकली। आराजी लाइन ब्लॉक के कंपोजिट विद्यालय बैरवन, मोहनसराय, गंगापुर, हरदत्तपुर, दरेखू, जगतपुर, मनियारीपुर, अखरी, बच्छांव, खनाव, करसड़ा, अमरा आदि में प्रवेश उत्सव का उल्लास रहा।
बैरवन में प्रधानाध्यापक राम मनोहर त्रिपाठी की उपस्थिति में अपना दल एस के जिलाध्यक्ष डॉ. नरेंद्र पटेल ने बच्चों का स्वागत किया। मिर्जामुराद क्षेत्र के अमीनी प्राथमिक विद्यालय में ग्राम प्रधान अनिल सोनकर और प्रधानाध्यापक सुदर्शन सिंह ने माला पहनाकर बच्चों का स्वागत किया।
स्कूल पहुंचते ही कुछ छात्राएं शिक्षिकाओं के गले लग गईं। कक्षा चार की छात्रा रागिनी पटेल और तीन की आराध्या ने कहा कि लंबी छुट्टी के कारण घर पर मन नहीं लग रहा था। अब मन लगाकर पढ़ाई करेंगे। सिंधोरा कस्बे और आसपास के प्राथमिक विद्यालयों में जश्न का माहौल रहा।
माध्यमिक विद्यालयों में पहले दिन रही आधी उपस्थिति
शैक्षणिक सत्र के पहले दिन सोमवार को माध्यमिक विद्यालयों में उपस्थिति आधी रही। लंबे अवकाश के बाद स्कूल खुलने के उत्साह में छात्र-छात्राएं स्कूल पहुंचे जरूर, लेकिन कक्षाओं में उपस्थिति औसतन 50 फीसदी ही रही।
इस दौरान कुछ विद्यार्थियों को फोन कर बुलाया गया और प्रार्थना सभा में छात्र-छात्राओं को अपने आसपास के सहपाठियों से स्कूल चलने के लिए प्रेरित करने को कहा गया। गर्मी की छुट्टियों के बाद सोमवार को माध्यमिक विद्यालयों में रौनक लौटी।
छात्र-छात्राएं पढ़ने के लिए स्कूल पहुंचे, लेकिन सत्र का पहला दिन होने के नाते उपस्थिति 50 फीसदी ही रही। शहर क्षेत्र के विद्यालयों में ग्रामीण इलाकों के मुकाबले उपस्थिति कम रही। कुछ प्रधानाचार्य 60 तो कुछ 65 फीसदी उपस्थिति का दावा करते रहे, लेकिन औसत उपस्थिति 50 फीसदी के आसपास ही रही।
प्रधानाचार्यों ने प्रार्थना सभाओं में बच्चों को पढ़ाई का महत्व बताया और कहा कि अपने आसपास के छात्र-छात्राओं को विद्यालय आने के लिए प्रेरित करें। साथ ही पौधरोपण के जरिये पर्यावरण संरक्षण, संचारी रोगों के प्रति सतर्कता और साफ-सफाई के प्रति जागरूकता की सीख दी गई।
जिला विद्यालय निरीक्षक अवध किशोर सिंह ने कहा कि सत्र का पहला दिन होने के कारण औसतन लगभग 50 फीसदी उपस्थिति रही। एक-दो दिनों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बढ़ेगी। क्योंकि पढ़ाई शुरू हो चुकी है और हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राओं को पाठ्यक्रम की चिंता रहती है।