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बलियाः स्कूल में रुबेला का टीका लगने के बाद पांच छात्राओं की हालत बिगड़ी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बलिया/सोनभद्र
Updated Tue, 04 Dec 2018 10:49 AM IST
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अस्पताल में भर्ती छात्र
- फोटो : self
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यूपी में रुबेला का टीका लगने के बाद बच्चों के तबियत बिगड़ने के लगातार मामले आ रहे हैं। अब ताजा मामला बलिया के बेल्थरा रोड तहसील में उच्च प्राथमिक स्कूल फरसाटार पर सोमवार को रुबेला (खसरा) का टीका लगाने के बाद पांच छात्राओं की हालत बिगड़ गई। इससे स्कूल में हड़कंप मच गया।
प्रभारी प्रधानाध्यापक द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक को इसकी जानकारी देने पर डॉक्टरों की टीम विद्यालय पहुंची और छात्राओं को अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के बाद हालत में सुधार बताया गया है।
रूबेला टीकाकरण अभियान के तहत स्वास्थ्य कर्मियों की टीम के साथ उच्च प्राथमिक स्कूल पहुंची। स्वास्थ्य कर्मियों ने स्कूल के कुल 94 बालक-बालिकाओं को रूबेला का टीका लगाया। टीकाकरण के बाद कक्षा आठ की छात्रा प्रीति, सीमा, सुमन, अंजू और रानी को चक्कर आने के साथ ही पेट में दर्द शुरू हो गया।
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उसके बाद छात्राओं ने मध्याह्न भोजन लिया। भोजन के बाद पांचों छात्राओं के पेट का अचानक दर्द तेज हो गया। प्रभारी प्रधानाध्यापक देवनाथ ने इसकी सूचना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. जीपी चौधरी को दी। अधीक्षक के निर्देश पर डॉक्टरों की टीम स्कूल पहुंची तथा छात्राओं की हालत देखने के बाद एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया।
इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार हो रहा है। हालांकि अभिभावकों का कहना था कि रुबेला के टीकाकरण वाली टीम के साथ एक फर्स्ट एड टीम भी होनी चाहिए लेकिन ऐसा नहीं होने से बच्चों की तबियत खराब हो रही है। आलम तो यह है कि सीएचसी पर भी उपचार के दौरान दवाएं बाहर से मंगाकर उपचार किया जा रहा है। इससे अभिभावकों में आक्रोश है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक डॉ जीपी चौधरी का कहना है कि टीकाकरण के चलते बच्चों में भय उत्पन्न हो गया। डर के मारे टीकाकरण के बाद उनके पेट में दर्द होने लगा। हालांकि टीके का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है।
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प्रभारी प्रधानाध्यापक द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक को इसकी जानकारी देने पर डॉक्टरों की टीम विद्यालय पहुंची और छात्राओं को अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के बाद हालत में सुधार बताया गया है।
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रूबेला टीकाकरण अभियान के तहत स्वास्थ्य कर्मियों की टीम के साथ उच्च प्राथमिक स्कूल पहुंची। स्वास्थ्य कर्मियों ने स्कूल के कुल 94 बालक-बालिकाओं को रूबेला का टीका लगाया। टीकाकरण के बाद कक्षा आठ की छात्रा प्रीति, सीमा, सुमन, अंजू और रानी को चक्कर आने के साथ ही पेट में दर्द शुरू हो गया।
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उसके बाद छात्राओं ने मध्याह्न भोजन लिया। भोजन के बाद पांचों छात्राओं के पेट का अचानक दर्द तेज हो गया। प्रभारी प्रधानाध्यापक देवनाथ ने इसकी सूचना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. जीपी चौधरी को दी। अधीक्षक के निर्देश पर डॉक्टरों की टीम स्कूल पहुंची तथा छात्राओं की हालत देखने के बाद एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया।
इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार हो रहा है। हालांकि अभिभावकों का कहना था कि रुबेला के टीकाकरण वाली टीम के साथ एक फर्स्ट एड टीम भी होनी चाहिए लेकिन ऐसा नहीं होने से बच्चों की तबियत खराब हो रही है। आलम तो यह है कि सीएचसी पर भी उपचार के दौरान दवाएं बाहर से मंगाकर उपचार किया जा रहा है। इससे अभिभावकों में आक्रोश है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक डॉ जीपी चौधरी का कहना है कि टीकाकरण के चलते बच्चों में भय उत्पन्न हो गया। डर के मारे टीकाकरण के बाद उनके पेट में दर्द होने लगा। हालांकि टीके का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है।
सोनभद्र में खसरा का इंजेक्शन लगने से तबियत खराब
सोनभद्र के राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के बढ़ौली गांव में स्थित संत जोसेफ हाई स्कूल में कक्षा सात में पढ़ने वाले छात्र आयुष शुक्ला को सोमवार को स्कूल में स्वास्थ्य विभाग की ओर से खसरा का इंजेक्शन लगाया गया था। इस दौरान छात्र की अचानक हालत बिगड़ गई थी।
इस पर स्कूल प्रशासन की ओर से छात्र को जिला अस्पताल में दोपहर में भर्ती कराया गया था। वहां उपचार के दौरान डीएम अमित कुमार सिंह, सीएमओ डॉ एसपी सिंह समेत स्वास्थ्य विभाग के तमाम अधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने छात्र के सेहत के बारे में जानकारी ली थी। वहां बच्चे की हालत में सुधार होने पर डॉक्टर ने उसे वापस घर भेज दिया था।
सोमवार की शाम करीब 8:45 बजे अचानक छात्र की हालत फिर बिगड़ गई। इस पर परिवार वाले छात्रा शुक्ला को लेकर जिला अस्पताल में पहुंचे हैं। अभी उसका उपचार कराया जा रहा है। डॉक्टर कहना है यदि उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ तो उसे वाराणसी रेफर कर दिया जाएगा।
सीएमओ डॉ. एसपी सिंह का कहना है कि दोपहर में छात्र की तबियत खराब होने की जानकारी है। उस समय उसकी हालत सामान्य थी। शाम को फिर उसकी तबियत बिगड़ने और उसके रिफर होने की जानकारी नही है। इसके बारे में जानकारी लेकर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।
बता दें कि 2 दिन पहले जिले के अनपरा थाना क्षेत्र में रूबेला खसरा का टीका लगने के बाद एक बच्चे की हालत बिगड़ गई थी और फिर उसकी मौत हो गई थी।
इस पर स्कूल प्रशासन की ओर से छात्र को जिला अस्पताल में दोपहर में भर्ती कराया गया था। वहां उपचार के दौरान डीएम अमित कुमार सिंह, सीएमओ डॉ एसपी सिंह समेत स्वास्थ्य विभाग के तमाम अधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने छात्र के सेहत के बारे में जानकारी ली थी। वहां बच्चे की हालत में सुधार होने पर डॉक्टर ने उसे वापस घर भेज दिया था।
सोमवार की शाम करीब 8:45 बजे अचानक छात्र की हालत फिर बिगड़ गई। इस पर परिवार वाले छात्रा शुक्ला को लेकर जिला अस्पताल में पहुंचे हैं। अभी उसका उपचार कराया जा रहा है। डॉक्टर कहना है यदि उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ तो उसे वाराणसी रेफर कर दिया जाएगा।
सीएमओ डॉ. एसपी सिंह का कहना है कि दोपहर में छात्र की तबियत खराब होने की जानकारी है। उस समय उसकी हालत सामान्य थी। शाम को फिर उसकी तबियत बिगड़ने और उसके रिफर होने की जानकारी नही है। इसके बारे में जानकारी लेकर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।
बता दें कि 2 दिन पहले जिले के अनपरा थाना क्षेत्र में रूबेला खसरा का टीका लगने के बाद एक बच्चे की हालत बिगड़ गई थी और फिर उसकी मौत हो गई थी।