{"_id":"5b5df5734f1c1b4e748b7b30","slug":"sawan-first-monday-more-than-laks-devotees-take-blessing-at-kashi-vishwanath-temple","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":" सावन के पहले सोमवार पर कांवरियों के जयघोष से बम-बम हुई काशी, भोले भक्तों से पटी मोक्षनगरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सावन के पहले सोमवार पर कांवरियों के जयघोष से बम-बम हुई काशी, भोले भक्तों से पटी मोक्षनगरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 30 Jul 2018 01:27 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सावन के प्रथम सोमवार पर देवाधिदेव महादेव के जलाभिषेक के लिए भोले भक्तों की लंबी कतार लगी है। बैरीकेडिंग में हजारों भोलेभक्त अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं तो जगह-जगह बोल बम के जयकारे गूंज रहे हैं। दोपहर 12 बजे तक करीब दो लाख भक्त दर्शन कर चुके हैं। 'हर-हर, बम-बम' के बोल संग गूंजती कांवरियों की बोली के साथ आस्थावानों की टोली रविवार देर रात तक बाबा दरबार के पट खुलने का इंतजार करती रही ताकि सावन के पहले सोमवार पर बाबा दरबार में हाजिरी लगा सकें। विश्वनाथ मंदिर जाने वाली गलियों, सड़कों पर रविवार दोपहर ही केसरिया रंग चढ़ गया था।
दशाश्वमेध घाट की सीढ़ियों से लेकर चितरंजन पार्क के शिविर तक कांवरियों की भीड़ के चलते तिल रखने की जगह नहीं थी। पहले सावन पर जलाभिषेक के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सावन के पहले सोमवार को बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक करने के लिए कांवरियों के जत्थे का वाराणसी पहुंचने का सिलसिला रविवार देर रात तक जारी रहा।
बाबा को जल चढ़ाने के लिए काशी आने वाले रास्ते कांवरियों के बोल-बम के जयकारों से गूंज उठे। मंदिर की ओर जाने वाले हर रास्ते पर केसरिया वस्त्रों में कांवरियों का जत्था नजर आ रहा था। हाल यह रहा कि रविवार की देर रात तक भारी संख्या में कांवरियों ने बैरीकेडिंग में लाइन लगा ली और पूरी रात लाइन में ही गुजारी।
विज्ञापन
रविवार की सुबह से बाबा विश्वनाथ के दरबार में कांवरियों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। कांवर लेकर काशी पहुंचे कांवरियों ने पहले गंगा में डुबकी लगाई फिर वहां से जल लेकर बाबा दरबार पहुंचे। शाम होते ही कांवरियों की संख्या बढ़ गई।
लक्सा से लेकर छत्ताद्वार और छत्ताद्वार से चौक तक कांवरियों के लिए बैरिकेडिंग की गई है। इसके साथ ही शहर में लगभग 10 से अधिक स्थानों पर कांवरिया शिविर में शुरू हो गए। इलाहाबाद से वाया बाइपास और गाजीपुर की ओर से वाया आशापुर, सारनाथ व पांडेयपुर होते हुए कांवरियों का जत्था काशी पहुंचने लगा था।
गोदौलिया से लेकर दशाश्वमेघ घाट और कांवरिया शिविर कांवरियों से पट गए। विश्वनाथ मंदिर के अलावा मृत्यंजय महादेव, तिलभांडेश्वर महादेव,गौरी केदारेश्वर महादेव, गौतमेश्वर महादेव, अहिलेश्वर महादेव, बीएचयू विश्वनाथ मंदिर, शूलटंकेश्वर महादेव समेत प्रमुख शिवालयों में दर्शन पूजन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया।
विज्ञापन
दशाश्वमेध घाट की सीढ़ियों से लेकर चितरंजन पार्क के शिविर तक कांवरियों की भीड़ के चलते तिल रखने की जगह नहीं थी। पहले सावन पर जलाभिषेक के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सावन के पहले सोमवार को बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक करने के लिए कांवरियों के जत्थे का वाराणसी पहुंचने का सिलसिला रविवार देर रात तक जारी रहा।
विज्ञापन
बाबा को जल चढ़ाने के लिए काशी आने वाले रास्ते कांवरियों के बोल-बम के जयकारों से गूंज उठे। मंदिर की ओर जाने वाले हर रास्ते पर केसरिया वस्त्रों में कांवरियों का जत्था नजर आ रहा था। हाल यह रहा कि रविवार की देर रात तक भारी संख्या में कांवरियों ने बैरीकेडिंग में लाइन लगा ली और पूरी रात लाइन में ही गुजारी।
विज्ञापन
रविवार की सुबह से बाबा विश्वनाथ के दरबार में कांवरियों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। कांवर लेकर काशी पहुंचे कांवरियों ने पहले गंगा में डुबकी लगाई फिर वहां से जल लेकर बाबा दरबार पहुंचे। शाम होते ही कांवरियों की संख्या बढ़ गई।
लक्सा से लेकर छत्ताद्वार और छत्ताद्वार से चौक तक कांवरियों के लिए बैरिकेडिंग की गई है। इसके साथ ही शहर में लगभग 10 से अधिक स्थानों पर कांवरिया शिविर में शुरू हो गए। इलाहाबाद से वाया बाइपास और गाजीपुर की ओर से वाया आशापुर, सारनाथ व पांडेयपुर होते हुए कांवरियों का जत्था काशी पहुंचने लगा था।
गोदौलिया से लेकर दशाश्वमेघ घाट और कांवरिया शिविर कांवरियों से पट गए। विश्वनाथ मंदिर के अलावा मृत्यंजय महादेव, तिलभांडेश्वर महादेव,गौरी केदारेश्वर महादेव, गौतमेश्वर महादेव, अहिलेश्वर महादेव, बीएचयू विश्वनाथ मंदिर, शूलटंकेश्वर महादेव समेत प्रमुख शिवालयों में दर्शन पूजन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया।
बाबा के वीआईपी दर्शन केवल दो घंटे
सावन के सोमवार पर बाबा विश्वनाथ के वीआईपी दर्शन के लिए केवल दो घंटे का समय दिया गया। शनिवार को मंदिर में हुई अव्यवस्था के बाद जिला प्रशासन ने वीआईपी दर्शन के लिए शाम 4 से छह बजे तक का समय निर्धारित किया है। वीआईपी दर्शन के नाम पर पूर्व में भी कई बार शिकायतें मिल चुकी थीं। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने मंदिर प्रशासन को यह निर्देश जारी किया है।
जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि आम दर्शनार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वीआईपी दर्शन का समय शाम 4 से छह बजे तक निर्धारित किया गया है। इसके अलावा किसी भी तरह का वीआईपी दर्शन नहीं कराया जाएगा। मंदिर प्रशासन को यह निर्देश दिया गया है कि वह श्रद्धालुओं की सुविधा का पूरा ध्यान रखें।
श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा होने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ भी सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। शनिवार को गर्भगृह और छत्ताद्वार पर दर्शन के दौरान महिला श्रद्धालुओं के साथ दुर्व्यवहार का मामला सामने आया था।
इस दौरान छत्ताद्वार पर भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई थी। यह शुक्र था कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। साथ ही मंदिर के पुजारी श्रीकांत मिश्र को भी पीएसी के जवान ने पीट दिया था।
जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि आम दर्शनार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वीआईपी दर्शन का समय शाम 4 से छह बजे तक निर्धारित किया गया है। इसके अलावा किसी भी तरह का वीआईपी दर्शन नहीं कराया जाएगा। मंदिर प्रशासन को यह निर्देश दिया गया है कि वह श्रद्धालुओं की सुविधा का पूरा ध्यान रखें।
श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा होने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ भी सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। शनिवार को गर्भगृह और छत्ताद्वार पर दर्शन के दौरान महिला श्रद्धालुओं के साथ दुर्व्यवहार का मामला सामने आया था।
इस दौरान छत्ताद्वार पर भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई थी। यह शुक्र था कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। साथ ही मंदिर के पुजारी श्रीकांत मिश्र को भी पीएसी के जवान ने पीट दिया था।
कर्दमेश्वर महादेव में आज उमड़ेंगे दर्शनार्थी
सावन के पहले सोमवार को कर्दमेश्वर महादेव का दर्शन करने के लिए आसपास के इलाकों से हजारों दर्शनार्थी उमड़ेंगे। दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए स्थानीय लोगों ने तैयारी पूरी कर ली है वही प्रशासनिक स्तर से दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए कोई तैयारी नहीं की गई है।
ग्राम प्रधान गोपाल जी पटेल और समाजसेवी जितेंद्र केशरी ने बताया कि मंदिर तक जाने वाले रास्ते में जलभराव की शिकायत की गई लेकिन कोई उसे ठीक करने कोई भी नहीं पहुंचा।
समाजसेवी जितेन्द्र केशरी ने बताया कि सफाई का अभाव है और शाम होते ही तालाब के किनारे सीढि़यों पर शराबियों व नशेडि़यों का जमघट लग जाता है। इसकी शिकायत पुलिस प्रशासन से किया गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
ग्राम प्रधान गोपाल जी पटेल और समाजसेवी जितेंद्र केशरी ने बताया कि मंदिर तक जाने वाले रास्ते में जलभराव की शिकायत की गई लेकिन कोई उसे ठीक करने कोई भी नहीं पहुंचा।
समाजसेवी जितेन्द्र केशरी ने बताया कि सफाई का अभाव है और शाम होते ही तालाब के किनारे सीढि़यों पर शराबियों व नशेडि़यों का जमघट लग जाता है। इसकी शिकायत पुलिस प्रशासन से किया गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।