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आईपीएल के सट्टा बाजार का भंडाफोड़, आठ लाख 10 हजार रुपये, आठ मोबाइल समेत अन्य सामान बरामद
Sat, 30 Mar 2019 07:22 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 30 Mar 2019 07:22 AM IST
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पुलिस ने सटोरिये गिरफ्तार किए
- फोटो : अमर उजाला
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रायल चैलेंजर्स बेंगलोर और मुंबई इंडियंस के मैच के दौरान गुरुवार की रात क्राइम ब्रांच और आदमपुर पुलिस की टीम ने विजयीपुर कोनिया में एक मकान में छापेमारी कर सट्टेबाजी के अवैध खेल का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने तीन लोगों को आठ लाख 10 हजार रुपये, आठ मोबाइल, एक टीवी, 11 रजिस्टर सहित अन्य सामान के साथ गिरफ्तार किया है।
आरोपियों की शिनाख्त विजयीपुर कोनिया के नितिन पांडेय उर्फ सनी, शिवपुर के गुड्डू कुमार सोनकर और आदमपुर के यमुना नगर के प्रकाश निगम के तौर पर हुई है। तीनों को शुक्रवार को जेल भेज दिया गया।
एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि आईपीएल के क्रिकेट मैचों पर सट्टा लगाए जाने की सूचना पर क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया था।
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मुखबिरों और सर्विलांस की मदद से क्राइम ब्रांच प्रभारी को पता लगा कि नितिन पांडेय अपने घर से बड़े पैमाने पर सट्टेबाजी का काम करता है। सूचना पर क्राइम ब्रांच प्रभारी ने इंस्पेक्टर आदमपुर आशुतोष कुमार ओझा के साथ नितिन के घर पर छापेमारी की और तीन आरोपी नगदी व अन्य सामान के साथ गिरफ्तार किए गए। गिरफ्तारी के दौरान तीनों आरोपी मोबाइल पर बात कर सट्टे का भाव ग्राहकों को बता रहे थे।
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आरोपियों की शिनाख्त विजयीपुर कोनिया के नितिन पांडेय उर्फ सनी, शिवपुर के गुड्डू कुमार सोनकर और आदमपुर के यमुना नगर के प्रकाश निगम के तौर पर हुई है। तीनों को शुक्रवार को जेल भेज दिया गया।
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एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि आईपीएल के क्रिकेट मैचों पर सट्टा लगाए जाने की सूचना पर क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया था।
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मुखबिरों और सर्विलांस की मदद से क्राइम ब्रांच प्रभारी को पता लगा कि नितिन पांडेय अपने घर से बड़े पैमाने पर सट्टेबाजी का काम करता है। सूचना पर क्राइम ब्रांच प्रभारी ने इंस्पेक्टर आदमपुर आशुतोष कुमार ओझा के साथ नितिन के घर पर छापेमारी की और तीन आरोपी नगदी व अन्य सामान के साथ गिरफ्तार किए गए। गिरफ्तारी के दौरान तीनों आरोपी मोबाइल पर बात कर सट्टे का भाव ग्राहकों को बता रहे थे।
ऐसे संचालित होता है अवैध धंधा
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि आईपीएल की सट्टेबाजी का अवैध धंधा चार स्तरों पर संचालित होता है। शहर में आठ या 10 प्रमुख सटोरिया होते हैं जो मुंबई, कोलकाता और नई दिल्ली में बैठे बुकी के संपर्क में रहते हैं। मुखिया बनने के लिए सटोरिया को बुकी के पास एडवांस पैसा जमा करना होता है।
इसके बाद सटोरिया शहर में अपने अलग-अलग एजेंट बनाता है और उनसे एक निर्धारित रकम जमा करता है। एजेंट अपने स्तर पर लड़के तैयार करते हैं और वो आम लोगों से चाय-पान की दुकानों या अन्य जगह संपर्क कर वाट्स ऐप्प कॉल या उपलब्ध ऐप्प पर बातचीत कर दांव फिक्स करते हैं। सट्टेबाजों का यह जाल देश के महानगरों से लेकर नेपाल और दुबई तक फैला हुआ है।
एसएसपी ने बताया कि बरामद 11 रजिस्टर में जितने लोगों के नाम, पते और मोबाइल नंबर दर्ज हैं, उनसे क्राइम ब्रांच की टीम पूछताछ करेगी। बरामद सभी आठ मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। जिस किसी की भी संलिप्तता उजागर होगी वो जेल भेजा जाएगा।
इसके बाद सटोरिया शहर में अपने अलग-अलग एजेंट बनाता है और उनसे एक निर्धारित रकम जमा करता है। एजेंट अपने स्तर पर लड़के तैयार करते हैं और वो आम लोगों से चाय-पान की दुकानों या अन्य जगह संपर्क कर वाट्स ऐप्प कॉल या उपलब्ध ऐप्प पर बातचीत कर दांव फिक्स करते हैं। सट्टेबाजों का यह जाल देश के महानगरों से लेकर नेपाल और दुबई तक फैला हुआ है।
एसएसपी ने बताया कि बरामद 11 रजिस्टर में जितने लोगों के नाम, पते और मोबाइल नंबर दर्ज हैं, उनसे क्राइम ब्रांच की टीम पूछताछ करेगी। बरामद सभी आठ मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। जिस किसी की भी संलिप्तता उजागर होगी वो जेल भेजा जाएगा।
कोड भाषा का इस्तेमाल, टीम होगी पुरस्कृत
सट्टेबाजी का अवैध धंधा संचालित करने के लिए कोडयुक्त भाषा का इस्तेमाल किया जाता है। जैसे, बुकी के लिए डिब्बा, एजेंट के लिए पंटर, क्लाइंट के लिए लाइन, भाव के लिए डिब्बे की आवाज, 20 ओवर के लिए लंबी पारी, 10 ओवर के लिए सेशन, एक लाख के लिए एक पैसा, 25 हजार के लिए चवन्नी, 50 हजार के लिए अठन्नी... आदि।
खास सावधानी यह बरती जाती है कि एक मोबाइल नंबर का उपयोग दोबारा नहीं किया जाता है। उधर, एसएसपी ने बताया कि तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करने वाले क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह, इंस्पेक्टर आदमपुर आशुतोष कुमार ओझा, एसआई प्रदीप यादव, सुमंत सिंह, पुनदेव सिंह, रामभवन यादव, सुरेंद्र मौर्या, घनश्याम वर्मा, कुलदीप सिंह, चंद्रसेन सिंह, रामबाबू की टीम को आईजी रेंज और एडीजी जोन से पुरस्कृत कराने के लिए संस्तुति की जाएगी।
खास सावधानी यह बरती जाती है कि एक मोबाइल नंबर का उपयोग दोबारा नहीं किया जाता है। उधर, एसएसपी ने बताया कि तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करने वाले क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह, इंस्पेक्टर आदमपुर आशुतोष कुमार ओझा, एसआई प्रदीप यादव, सुमंत सिंह, पुनदेव सिंह, रामभवन यादव, सुरेंद्र मौर्या, घनश्याम वर्मा, कुलदीप सिंह, चंद्रसेन सिंह, रामबाबू की टीम को आईजी रेंज और एडीजी जोन से पुरस्कृत कराने के लिए संस्तुति की जाएगी।