फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Satsang, not at night halt stalemate

अब सत्संग नहीं, रात्रि विश्राम पर जिच

Sat, 22 Oct 2016 02:09 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी Updated Sat, 22 Oct 2016 02:09 AM IST
विज्ञापन
Satsang, not at night halt stalemate
जय गुरुदेव
खदेड़े जाने के बावजूद जयगुरुदेव के दूसरे धड़े ने बाबा उमाकांत तिवारी के सत्संग को लेकर अभी हार नहीं मानी है। उमाकांत के अनुयायियों की सबसे बड़ी चिंता है उनके आठ सौ से अधिक गाड़ियों के काफिले के ठहराव को लेकर। वाराणसी में सत्संग की अनुमति न मिलने के बाद यह समस्या पैदा हुई है। शुक्रवार को पता चला कि आयोजकों की दूसरी टीम सारनाथ के निकट रजवाड़ी में काफिले के ठहराव की अनुमति के लिए पहुंच गई है। उनका कहना है कि अब सत्संग नहीं करेंगे लेकिन रात भर बाबा के रुकने के लिए उन्हें अनुमति दी जाए, ताकि अनुयायी बाबा के मिल सकें।
विज्ञापन


बाबा उमाकांत तिवारी 22 को बलिया में सत्संग के बाद दोपहर कार से रसड़ा होते हुए मऊ से गाजीपुर में प्रवेश करेंगे। वाराणसी में रजवाड़ी के पास उनके रात्रिविश्राम की व्यवस्था के लिए उनके अनुयायी जी तोड़ प्रयास में जुट गए हैं। बाबा के साथ 814 चार पहिया गाड़ियों का काफिला होगा। रजवाड़ी में रात्रि विश्राम की व्यवस्था के लिए अनुमति लेने की कोशिशें तेज हो गई हैं। इसके लिए चार सदस्यीय आयोजक मंडल की टीम शुक्रवा को दिन भर अफसरों से संपर्क साधने में जुटी रही। खुफिया विभाग के अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की। पता चला है कि वाहनों के लंबे काफिले के साथ ही एक हजार से अधिक बाइक सवार भी बाबा उमाकांत के साथ चल रहे हैं।
विज्ञापन


ऐसे में इतना बड़े काफिले को एक रात के लिए कहां रोका जाए, यह बड़ी चुनौती बन गया है। आयोजक मंडल के राम प्रसाद द्विवेदी ने बताया कि हम प्रशासन से किसी तरह का टकराव नहीं करना चाहते। प्रशासन ने हमें सत्संग की अनुमति नहीं दी लेकिन हम चाहते हैं कि बाबा को रजवाड़ी के पास रात्रि विश्राम में प्रशासन सहयोग करे, ताकि बाबा सिर्फ रात बिता सकें। भोर में ही काफिला इलाहाबाद के लिए रवाना हो जाएगा।  खुफिया विभाग का कहना है कि 24 को वाराणसी में पीएम मोदी का भी आगमन है। ऐसे में पीएम के दौरे को देखते हुए भी इस जमावड़े के लिए कोई सिरदर्द मोल नहीं लेना चाहता।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed