13 तीर्थ स्थल चिन्हित: हिंदुत्व पर हो रहे हमले का जवाब देने के लिए होगा संत सम्मेलन, 11 को नैमिषारण्य से शुरुआत
अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि उत्तर प्रदेश के 13 स्थानों पर संत सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।
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हिंदू समाज और हिंदुत्व पर हमले के विरोध में अब संत समाज भी मुखर हो उठा है। संत समाज की ओर से हिंदुत्व पर हमले का जवाब देने के लिए 13 तीर्थ स्थलों पर संतों के सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इसकी शुरुआत 11 जनवरी से नैमिषारण्य से होगी।
वाराणसी में अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि चुनाव की दस्तक के साथ ही हिंदू समाज और हिंदुत्व पर लगातार प्रहार किए जा रहे हैं। यह हिंदू समाज के प्रति षड्यंत्र है और संत समाज इसका जवाब देगा। इसके लिए प्रदेश के 13 स्थानों पर संत सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।
इन स्थानों पर होगा सम्मेलन
इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष भी मौजूद रहेंगे। सम्मेलन के लिए काशी, प्रयागराज, अयोध्या, चित्रकूट, बिठूर, वृंदावन, शुक्रताल, ब्रजघाट व गढ़मुक्तेश्वर, कछला व सोरो, नैमिषरण्य, देवरिया, ओरछा और विंध्याचल में संत सम्मेलन के लिए स्थान तय कर लिए गए हैं। सम्मेलन की तिथियों पर विचार विमर्श किया जा रहा है और इसकी शुरुआत 11 जनवरी से होगी, फरवरी में इसे पूर्ण कर लिया जाएगा।
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छद्म समाजवादी और कांग्रेस नेताओं के खिलाफ चलेगा जनजागरण अभियान
आयोजन अखिल भारतीय संत समिति, काशी विद्वत परिषद, अखाड़ा परिषद और विश्व हिंदू परिषद के सहयोग से किया जाएगा। संत समाज सम्मेलन के जरिए ऐसे छद्म समाजवादी व कांग्रेस के नेताओं के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाएगा जो लगातार सनातन हिंदुओं और उनकी परंपराओं पर अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। सम्मेलन धार्मिक होगा और इसमें हिंदू और हिंदुत्व के प्रति षड्यंत्रों का जवाब दिया जाएगा। इसके जरिए हिंदू समाज की भावनाओं को चोट पहुंचाने वालों को बेनकाब किया जाएगा।