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बाउंड्री पीछे नहीं करेगा संस्कृत विश्वविद्यालय
वाराण्ासी, ब्यूरो
Updated Fri, 12 Jun 2015 01:35 AM IST
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वाराणसी। चौकाघाट बस स्टैंड के सामने संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय की चहारदीवारी से सटी सड़क को चौड़ा करने का मामला उलझ गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपनी चहारदीवारी पीछे करने से साफ इनकार कर दिया है।
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साथ ही, जिला प्रशासन पर बाउंड्री पीछे करने के लिए लगातार दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए हालात की जानकारी राज भवन को दी है। अपने निर्णय के पक्ष में विश्वविद्यालय में छात्रावासों की कमी, नए पाठ्यक्रम के लिए भवन बनाए जाने सहित कई योजनाओं का हवाला दिया है।
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चौकाघाट बस स्टैंड के सामने की सड़क चौड़ी करने के लिए विश्वविद्यालय की बाउंड्री को पांच मीटर पीछे करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से अब तक कई पत्र भेजे जा चुके हैं। छह जनवरी 2015 को सचिव वाराणसी विकास प्राधिकरण ने इसके लिए अनुरोध किया था।
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विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत इस तरह के मामलों में कार्यपरिषद की अनुमति जरूरी होती है, ऐसे में दस जनवरी को हुई कार्यपरिषद की बैठक में प्रस्ताव रखा गया लेकिन परिषद ने चहारदीवारी पीछे न करने का निर्णय लेते हुए 30 जनवरी को ही वीडीए को दे दी।
20 मार्च को पुन: कमिश्नर ने कुलपति को पत्र भेजकर जमीन मांगी लेकिन उसे भी अस्वीकार कर दिया गया। लेकिन, इसके बाद भी मामले पर खींचतान थमी नहीं। दो दिन पहले राज भवन को भेजे पत्र में कुलपति प्रो. यदुनाथ प्रसाद दूबे ने कहा है कि जिला प्रशासन की ओर से लगातार दबाव बनाया जा रहा है।
जिससे विश्वविद्यालय की स्वायत्तता खतरे में हैं। साथ ही, बाउंड्री पीछे न करने के विश्वविद्यालय के फैसले के बचाव में अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि विश्वविद्यालय में छात्रावासों के निर्माण, नए पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए भवन निर्माण सहित कई योजनाओं के लिए जमीन की आवश्यकता है।