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संस्कृत विवि : दीक्षांत समारोह में मिलेंगी 14,615 उपाधियां
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संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के 41वें दीक्षांत समारोह की शुरुआत वेदमंत्रों के पाठ से होगी। 21 विद्यार्थी वेद मंत्रोच्चार करेंगे। 25 नवंबर को होने समारोह में विभिन्न कक्षाओं के 14,615 विद्यार्थियों को उपाधि दी जाएगी। पीएचडी उपाधि के परिणाम 20 नवंबर को घोषित होंगे। इसके साथ उपाधि धारकों की संख्या में कुछ वृद्धि होगी।
शुक्रवार को कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने 41वें दीक्षांत समारोह की तैयारियों की समीक्षा के लिए बैठक की। 18 समितियों के संयोजक और सह संयोजक की बैठक में कहा कि दीक्षांत किसी भी शिक्षा संस्थान में महापर्व जैसा होता है, इस संस्था के सभी लोग आपस में सामंजस्य स्थापित कर समारोह को सफलता पूर्वक संपादित करें। परंपरा के अनुसार दक्षिणी प्रवेश द्वार पर 21 वेद विद्यार्थियों के हाथ में थाली, चंदन, कलश, नारियल के साथ वेद मंत्रोच्चार होंगे। दीक्षांत समारोह के पहले से ही ऐतिहासिक मुख्य भवन और प्रवेश द्वार को रंगबिरंगी लाइटिंग, तोरण से सजाया जाएगा। हाई पावर लाइट भी लगाए जाएंगे। दीपावली से पूर्व ही मुख्य भवन को रंगबिरंगे झालरों से सजा दिया गया है जो देव दीपावली तक रहेंगे। किसी को भी किसी तरह की असुविधा न हो इस बात का सभी जिम्मेदार लोग ध्यान रखेंगे।
अध्यक्षता करेंगी राज्यपाल आनंदी बेन पटेल
विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह 25 नवंबर को सुबह 10 बजे से होगा। मुख्य भवन में समारोह की अध्यक्षता कुलाधिपति और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल करेंगी। मुख्य अतिथि केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी होंगे। दीक्षांत हॉल में सभी की सुविधा के लिए चार बड़े स्क्रीन लगाए जाएंगे। बैठक में कुलसचिव राकेश कुमार, प्रो. रामकिशोर त्रिपाठी, प्रो. रामपूजन पांडेय, प्रो. सुधाकर मिश्र, प्रो. हरिशंकर पांडेय, प्रो. जितेंद्र कुमार सिंह उपस्थित थे।
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शुक्रवार को कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने 41वें दीक्षांत समारोह की तैयारियों की समीक्षा के लिए बैठक की। 18 समितियों के संयोजक और सह संयोजक की बैठक में कहा कि दीक्षांत किसी भी शिक्षा संस्थान में महापर्व जैसा होता है, इस संस्था के सभी लोग आपस में सामंजस्य स्थापित कर समारोह को सफलता पूर्वक संपादित करें। परंपरा के अनुसार दक्षिणी प्रवेश द्वार पर 21 वेद विद्यार्थियों के हाथ में थाली, चंदन, कलश, नारियल के साथ वेद मंत्रोच्चार होंगे। दीक्षांत समारोह के पहले से ही ऐतिहासिक मुख्य भवन और प्रवेश द्वार को रंगबिरंगी लाइटिंग, तोरण से सजाया जाएगा। हाई पावर लाइट भी लगाए जाएंगे। दीपावली से पूर्व ही मुख्य भवन को रंगबिरंगे झालरों से सजा दिया गया है जो देव दीपावली तक रहेंगे। किसी को भी किसी तरह की असुविधा न हो इस बात का सभी जिम्मेदार लोग ध्यान रखेंगे।
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अध्यक्षता करेंगी राज्यपाल आनंदी बेन पटेल
विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह 25 नवंबर को सुबह 10 बजे से होगा। मुख्य भवन में समारोह की अध्यक्षता कुलाधिपति और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल करेंगी। मुख्य अतिथि केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी होंगे। दीक्षांत हॉल में सभी की सुविधा के लिए चार बड़े स्क्रीन लगाए जाएंगे। बैठक में कुलसचिव राकेश कुमार, प्रो. रामकिशोर त्रिपाठी, प्रो. रामपूजन पांडेय, प्रो. सुधाकर मिश्र, प्रो. हरिशंकर पांडेय, प्रो. जितेंद्र कुमार सिंह उपस्थित थे।
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