काशीवासियों का इंतजार हुआ खत्म, जारी हुई संकट मोचन संगीत समारोह की तिथि
काशीवासियों के इंतजार की घंड़ी खत्म हुई। संकट मोचन संगीत समारोह की तिथि घोषित हो चुकी है। बनारस के लोगों को इस समारोह का इंतजार पूरे साल रहता है। काशी का संगीत महाकुंभ संकट मोचन संगीत समारोह 23 अप्रैल से शुरू होगा। छह दिवसीय संगीत समारोह में कुल 47 प्रख्यात कलाकारों की प्रस्तुतियां होंगी।
संकट मोचन संगीत समारोह में कुल 15 पद्म अवार्ड प्राप्त कलाकार भी शामिल रहेंगे। यह जानकारी संकट मोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभरनाथ मिश्र ने गुरुवार को तुलसीघाट पर दी। उन्होंने बताया कि छह दिवसीय संगीत समारोह 28 अप्रैल तक चलेगा।
इनमें पांच दिन आठ-आठ कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। वहीं अंतिम दिन सात कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। यह कार्यक्रम प्रतिदिन शाम सात बजे से शुरू होकर भोर तक चलेगा। पहले दिन का कार्यक्रम अमेरिका के कुचिपुड़ी और दिल्ली के ओडिसी नृत्य से होगा।
शहीदों को दी जाएगी श्रद्धांजलि
संकटमोचन संगीत समारोह में देश विदेश के प्रतिष्ठित कलाकार मूर्तिकला और चित्रकला से अपनी भावनाओं को प्रस्तुत करेेंगे। यह जानकारी डॉ. वीएन मिश्रा ने दी।
उन्होंने बताया कि इस में भारत के राजेश कुमार और शालु सिंह सहित 62 कलाकार और बहरीन के अनिल कुमार, आस्ट्रेलिया, स्विट्जरलैंड के कलाकार अपनी पेंटिंग के माध्यम से पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे। यहां वार मेमोरियल का उद्घाटन भी किया जाएगा।
23 अप्रैल को इनकी प्रस्तुति
- डॉ. येल्ला विजय दुर्गा- कुचिपुड़ी
- डॉ. सोनल मानसिंह का ओडिसी और कामाख्या कालपीठ सेंटर फॉर इंडियन क्लासिक डांसेज रेपेट्री ग्रुप
- विदुषी मंजू मेहता का सितार और पं. पुरण महाराज का तबला
- पं उल्हास कसालकर का गायन, पं सुरेश तलवरकर का तबला और तन्मय देवचके का हारमोनियम
- एस आकाश की बांसुरी, अनुब्रत चटर्जी के तबले की प्रस्तुति
- पं संदीपन समाजपति का गायन, पं. समर साहा को तबला और पं धर्मनाथ मिश्र का हारमोनियम
- पं सुरेश तलवरकर तबला, अक्षय कुलकर्णी तबला, ओंकार दलवी का पखावज और सुरंजन खंडालकर का गायन
- पं लोकेश आनंद का शहनाई पर कपिल कुमार का शहनाई के साथ पं ललित कुमार का तबला वादन