फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   sankat mochan sangeet samaroh

हनुमत लला के चरणों में दीपिका ने अर्पित की सुरों की श्रद्धा

Thu, 06 May 2021 12:43 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 06 May 2021 12:43 AM IST
विज्ञापन
sankat mochan sangeet samaroh
संकटमोचन संगीत समारोह की पांचवीं निशा गायन, वादन और नृत्य की सुमधुर प्रस्तुतियों से सजी। बीच-बीच में तकनीकी समस्या के कारण कलाकारों से संपर्क टूट जाने से थोड़ा दर्शक परेशान हुए, लेकिन हनुमत लला के चरणों में अभ्यर्थना की असीम उत्कंठा ने हर किसी को देर रात तक बांधे रखा।
विज्ञापन

बुधवार को पांचवीं निशा की प्रथम प्रस्तुति में चेन्नई से बाहुबली फेम दीपिका वरदराजन ऑनलाइन जुड़ीं। उन्होंने सिर्फ तानपुरे के साथ संकटमोचन के चरणों में अपने सुमधुर स्वरों की श्रद्धा अर्पित की। दीपिका के गायन के दौरान तकनीकी खराबी से संपर्क टूट गया। तकनीकी टीम के सदस्यों की मेहनत से 10 मिनट में दोबारा सुमधुर स्वरों की खनक सुनाई दी। मां से संगीत की प्रारंभिक शिक्षा लेने के बाद पद्मभूषण सुधा रघुनाथन से गायन की शिक्षा लेने वाली वाली दीपिका ने कार्यक्रम का शुभारंभ पुरंदर दास द्वारा संगीतबद्ध श्लोक श्रीरामचंद्र श्रुत पारिजात... से किया। राग नाटा में निबद्ध इस रचना के बाद इसी राग में निबद्ध त्यागराज स्वामी की रचना सीतानाथ सकल लोक पालक...की प्रस्तुति दी।
विज्ञापन

इसके उपरांत त्यागराजन स्वामी की तमिल रचना राग हंसनादम् में सुनाई जो आदि ताल में निबद्ध थी। राग सीमेंद ्रमध्यम और मिश्रचापु ताल में पिरोई स्वामी वासुदेवाचार्य की तेलुगु रचना के बाद ठुमरी झूले मोरा सईयां लूं मैं बलइया... से समापन किया। दूसरी प्रस्तुति में भोपाल से अनुराधा सिंह ने कथक नृत्य की सधी हुई प्रस्तुति से दर्शकों की वाहवाही हासिल की। शिव वंदना से नृत्य का आरंभ करने के बाद उन्होंने तीन ताल में कथक पेश किया। इस दौरान वायलिन और घुंघरुओं की जुगलबंदी को दर्शकों ने सबसे अधिक सराहा। राग हंसध्वनि में तराना पर आकर्षक नृत्य करने के बाद उन्होंने राग कलावती में निबद्ध ठुमरी पर भावनृत्य से समापन किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके पूर्व मंगलवार को चौथी निशा में मुंबई से गार्गी सिद्धांत ने भजन की प्रस्तुति दी। उन्होंने श्री राम चंद्र कृपालु भजमन से आरंभ किया और राम गोविंद हरि...से समापन किया। संगीत शृंखला को आगे बढ़ाते हुए सरोद वादन की प्रस्तुति के लिए नई दिल्ली से विख्यात कलाकार पंडित विश्वजीत राय चौधरी जुड़े। उन्होंने राग शुद्ध कल्याण में आलाप, जोड़ एवं झाला की प्रस्तुति दी। मध्य रात्रि में विख्यात गजल गायक सलीम अल्लाहवाले भोपाल से जुड़े। उन्होंने रंजिश ही सही, दिल ही दुखाने के लिए आ..., आज जाने की जिद ना करो...पर श्रोताओं को रुमानियत का अहसास कराया।

इसके बाद बनारस घराने के युवा कलाकार सौरव गौरव मिश्र ने कथक की प्रस्तुति दी। उन्होंने राम भजन से नृत्य आरंभ किया और उसके बाद बनारस घराने की परंपरागत तिहाई, तोड़ा, टुकड़ा एवं चक्करदार की प्रस्तुति दी। तबले पर प्रीतम मिश्रा, गायन व हारमोनियम पर संतोष मिश्र व सितार पर पं. धु्रव नाथ मिश्र ने सहयोग किया। कार्यक्रम की अंतिम प्रस्तुति गायन की रही। कोलकाता से मीनाक्षी मजूमदार ने श्री संकट मोचन मंदिर के नादलीन महंत पंडित अमरनाथ मिश्र की अमर कृति भवानी दयानी...राग भैरवी में प्रस्तुत किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed