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संविदा कर्मियों की सेवा खत्म, रोष
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वाराणसी। सरकारी अस्पतालों में कार्यरत 99 संविदा कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी गई है। मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा और दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल में अलग-अलग पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए सीएमएस और एसआईसी से मिलकर न्याय की गुहार लगाई।
वर्ष 2016 से ही संविदा के तहत लैब टेक्नीशियन, ओटी टेक्नीशियन, नेत्र सहायक, रजिस्ट्रेशन क्लर्क, स्टोर कीपर आदि पदों पर मंडलीय अस्पताल में 64 और दीनदयाल जिला अस्पताल में 35 कर्मचारियों को रखा गया था। टीएनएम एजेंसी की ओर से रखे गए इन कर्मचारियों की सेवा अवधि नियमानुसार 30 सितंबर को समाप्त हो चुकी थी, लेकिन एनएचएम के मिशन निदेशक की ओर से 31 अक्तूबर तक विस्तारित किया गया था। अब सभी कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। दीनदयाल अस्पताल में इसका आदेश भी गुरुवार को जारी कर दिया गया, जिसके बाद से कर्मचारियों में नाराजगी है। उधर दीनदयाल में कर्मचारियों ने अस्पताल पोर्टिकों में प्रदर्शन कर अपर निदेशक को ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें आदेश को वापस लेने की मांग की।
इस दौरान कर्मचारियों का कहना था कि 31 अक्तूबर तक किए गए कार्य का भुगतान भी नहीं हो पाया है, जिस पर अधिकारी कोई जवाब नहीं दे पा रहे हैं। उधर मंडलीय अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. बीएन श्रीवास्तव ने सभी 64 कर्मचारियों की सेवा समाप्ति का आदेश जारी कर इसकी कॉपी जिलाधिकारी, चिकित्सा अधीक्षक, चिकित्सालय प्रबंधक, सहायक नर्सिंग अधीक्षक को भी भेज दिया है। निराश कर्मचारियों ने एसआईसी से मिलकर न्याय की गुहार लगाई लेकिन उन्होंने कोई आदेश न होने का हवाला देते हुए आगे सेवा के बारे में कुछ भी बताने से मना कर दिया। अब शुक्रवार को संविदा कर्मचारी जिलाधिकारी से मिलकर न्याय की गुहार लगाएंगे।
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प्रभावित हो सकता है कामकाज
एक साथ सभी संविदा कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने के इस फैसले से अस्पताल में शुक्रवार को कामकाज प्रभावित हो सकता है। इसमें कुछ पर्चा काउंटर पर तो कुछ लैब, पैथालॉजी, ऑपरेशन थिएटर, नेत्र रोग विभाग जैसे प्रमुख जगहों पर अपनी सेवा दे रहे थे।
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वर्ष 2016 से ही संविदा के तहत लैब टेक्नीशियन, ओटी टेक्नीशियन, नेत्र सहायक, रजिस्ट्रेशन क्लर्क, स्टोर कीपर आदि पदों पर मंडलीय अस्पताल में 64 और दीनदयाल जिला अस्पताल में 35 कर्मचारियों को रखा गया था। टीएनएम एजेंसी की ओर से रखे गए इन कर्मचारियों की सेवा अवधि नियमानुसार 30 सितंबर को समाप्त हो चुकी थी, लेकिन एनएचएम के मिशन निदेशक की ओर से 31 अक्तूबर तक विस्तारित किया गया था। अब सभी कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। दीनदयाल अस्पताल में इसका आदेश भी गुरुवार को जारी कर दिया गया, जिसके बाद से कर्मचारियों में नाराजगी है। उधर दीनदयाल में कर्मचारियों ने अस्पताल पोर्टिकों में प्रदर्शन कर अपर निदेशक को ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें आदेश को वापस लेने की मांग की।
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इस दौरान कर्मचारियों का कहना था कि 31 अक्तूबर तक किए गए कार्य का भुगतान भी नहीं हो पाया है, जिस पर अधिकारी कोई जवाब नहीं दे पा रहे हैं। उधर मंडलीय अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. बीएन श्रीवास्तव ने सभी 64 कर्मचारियों की सेवा समाप्ति का आदेश जारी कर इसकी कॉपी जिलाधिकारी, चिकित्सा अधीक्षक, चिकित्सालय प्रबंधक, सहायक नर्सिंग अधीक्षक को भी भेज दिया है। निराश कर्मचारियों ने एसआईसी से मिलकर न्याय की गुहार लगाई लेकिन उन्होंने कोई आदेश न होने का हवाला देते हुए आगे सेवा के बारे में कुछ भी बताने से मना कर दिया। अब शुक्रवार को संविदा कर्मचारी जिलाधिकारी से मिलकर न्याय की गुहार लगाएंगे।
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प्रभावित हो सकता है कामकाज
एक साथ सभी संविदा कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने के इस फैसले से अस्पताल में शुक्रवार को कामकाज प्रभावित हो सकता है। इसमें कुछ पर्चा काउंटर पर तो कुछ लैब, पैथालॉजी, ऑपरेशन थिएटर, नेत्र रोग विभाग जैसे प्रमुख जगहों पर अपनी सेवा दे रहे थे।