{"_id":"579676b44f1c1b697d21e7a9","slug":"said-particle-jai-bhola-bombs","type":"story","status":"publish","title_hn":"कण-कण बोला, जय बम भोला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कण-कण बोला, जय बम भोला
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 26 Jul 2016 01:59 AM IST
विज्ञापन
काशी विश्वनाथ के जलाभिषेक आैर दर्शन-पूजन के लिए लगी कांवरियों की कतार।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पहले सावन सोमवार पर बाबा विश्वनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए देश के कोने-कोने से भक्तों का कारवां उमड़ पड़ा। बसों, ट्रेनों, निजी वाहनों से बड़ी तादाद में भक्त पहुंचे। प्रयाग के अलावा मिर्जापुर, जौनपुर, आजमगढ़ और दक्षिण भारतीय राज्यों से भी हजारों भक्तों के बाबा की नगरी में पहुंचने से सड़कों पर दबाव बढ़ गया।
भीड़ को देखते हुए रविवार की रात 11 बजे के बाद से ही वाहनों को गोदौलिया, दशाश्वमेध, चौक जाने वाले मार्गों पर प्रतिबंधित कर दिया गया। उधर, बाबा के जलाभिषेक के लिए कांवरिए रविवार की शाम से ही कतारबद्ध होने लगे थे। रात 10 बजे तक छत्ताद्वार से कतार गोदौलिया तक पहुंच गई। भक्त गंगा स्नान कर कतार में लगते रहे।
मंगला आरती खत्म होने के बाद भोर के 4:30 बजे आम भक्तों को जब बाबा के दरबार में प्रवेश दिया गया, मंदिर जाने वाले मार्गो पर करीब दो किमी दायरे में की गई बैरीकेडिंग ठसाठस भर गई। हजारों भक्त भीड़ के दबाव से बचने के लिए सड़कों पर पसर गए। बच्चे, महिलाएं, युवा सड़कों से लेकर बैरीकेडिंग तक लेटे भी नजर आए। इस दौरान भीड़ में कई जगह धक्कामुक्की और शोरशराबा भी होता रहा। दिन के चार बजे के बाद भीड़ का दबाव कुछ कम हुआ। शाम पांच से सात बजे के बीच वीआईपी भक्तों के लिए छूट दी गई। सड़कों पर बोल बम, हर हर महादेव और बाबा एक सहारा है.. के गगनभेदी जयकारे गूंजते रहे। घंटों से कतार में लगे भक्तों को चाय, बिस्कुट, पानी पहुंचाने के लिए सेवादार भी मुस्तैद रहे।
विज्ञापन
बाबा विश्वनाथ के दरबार में लंबी कतार लगने की वजह से हजारों भक्तों ने सोमवार को काशी के दूसरे शिवायतनों की ओर रुख किया। स्वयंभू शिवलिंगों के दर्शन के लिए भीड़ लगी रही। इस दौरान तिल-तिल बढ़ने वाले तिल भांडेश्वर महादेव, गौरी केदारेश्वर महादेव, मृत्युंजय महादेव, गभस्तीश्वर महादेव, ओंकालेश्वर महादेव, जैगषव्येश्वर महादेव, बीएचयू विश्वनाथ, शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर, सारंगनाथ महादेव समेत अन्य शिव मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहा। इस दौरान शिव मंदिरों को फूलों, हरी पत्तियों से मोहक सजाया गया था। 50 से अधिक डाक बम भक्त बाबा विश्वनाथ के दरबार में दौड़ते हुए जलाभिषेक के लिए पहुंचे। प्रयाग से गंगा जल लेकर दौड़ते हुए आए डाक बम भक्तों को विशेष व्यवस्था के तहत सेवादारों ने कोतवालपुरा से मंदिर पहुंचाने की कोशिश की लेकिन भोर में डाक बम भक्तों को भी ढुंढिराज प्वाइंट पर सुरक्षा कर्मियों ने रोक दिया।
सावन के पहले सोमवार को ग्रामीण क्षेत्र के शिव मंदिरों में सुबह से भारी भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने माधोपुर स्थित शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर, प्राचीन शिवधाम दरेखू बाणासुर मंदिर नरउर, बुढ़ऊ महादेव मोहनसराय, हनुमान मंदिर बीरभानपुर में लोगों ने दर्शन-पूजन किया। मिर्जामुराद स्थित प्राचीन शिवमंदिर बंगलाचट्टी श्यामा माता योगाश्रम बेनीपुर, मेंहदीगंज, खजुरी, प्रतापपुर, अषाढ़, गौर, लालपुर, मनकइयां, चक्त्रस्पानपुर, खालिसपुर, अमिनी, अदमापुर आदि गाँवों में स्थित शिवालयों में व्रती महिलाओं द्वारा दर्शन-पूजन के साथ ही जलाभिषेक देर शाम तक चलता रहा। जगह-जगह हरिकीर्तन-भजन का दौर पूरी रात चला। बड़ागांव क्षेत्र के बिरांव कोट, साईपुर, बलरामपुर, ताड़ी, बड़ागांव, रामनगर, बसनी, रामसिंहपुर आदि गांवों के शिव मंदिरों में भोर से ही भक्तों का तांता लगा रहा। रामेश्वर महादेव मंदिर में भी बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचे।
विज्ञापन
भीड़ को देखते हुए रविवार की रात 11 बजे के बाद से ही वाहनों को गोदौलिया, दशाश्वमेध, चौक जाने वाले मार्गों पर प्रतिबंधित कर दिया गया। उधर, बाबा के जलाभिषेक के लिए कांवरिए रविवार की शाम से ही कतारबद्ध होने लगे थे। रात 10 बजे तक छत्ताद्वार से कतार गोदौलिया तक पहुंच गई। भक्त गंगा स्नान कर कतार में लगते रहे।
विज्ञापन
मंगला आरती खत्म होने के बाद भोर के 4:30 बजे आम भक्तों को जब बाबा के दरबार में प्रवेश दिया गया, मंदिर जाने वाले मार्गो पर करीब दो किमी दायरे में की गई बैरीकेडिंग ठसाठस भर गई। हजारों भक्त भीड़ के दबाव से बचने के लिए सड़कों पर पसर गए। बच्चे, महिलाएं, युवा सड़कों से लेकर बैरीकेडिंग तक लेटे भी नजर आए। इस दौरान भीड़ में कई जगह धक्कामुक्की और शोरशराबा भी होता रहा। दिन के चार बजे के बाद भीड़ का दबाव कुछ कम हुआ। शाम पांच से सात बजे के बीच वीआईपी भक्तों के लिए छूट दी गई। सड़कों पर बोल बम, हर हर महादेव और बाबा एक सहारा है.. के गगनभेदी जयकारे गूंजते रहे। घंटों से कतार में लगे भक्तों को चाय, बिस्कुट, पानी पहुंचाने के लिए सेवादार भी मुस्तैद रहे।
विज्ञापन
बाबा विश्वनाथ के दरबार में लंबी कतार लगने की वजह से हजारों भक्तों ने सोमवार को काशी के दूसरे शिवायतनों की ओर रुख किया। स्वयंभू शिवलिंगों के दर्शन के लिए भीड़ लगी रही। इस दौरान तिल-तिल बढ़ने वाले तिल भांडेश्वर महादेव, गौरी केदारेश्वर महादेव, मृत्युंजय महादेव, गभस्तीश्वर महादेव, ओंकालेश्वर महादेव, जैगषव्येश्वर महादेव, बीएचयू विश्वनाथ, शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर, सारंगनाथ महादेव समेत अन्य शिव मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहा। इस दौरान शिव मंदिरों को फूलों, हरी पत्तियों से मोहक सजाया गया था। 50 से अधिक डाक बम भक्त बाबा विश्वनाथ के दरबार में दौड़ते हुए जलाभिषेक के लिए पहुंचे। प्रयाग से गंगा जल लेकर दौड़ते हुए आए डाक बम भक्तों को विशेष व्यवस्था के तहत सेवादारों ने कोतवालपुरा से मंदिर पहुंचाने की कोशिश की लेकिन भोर में डाक बम भक्तों को भी ढुंढिराज प्वाइंट पर सुरक्षा कर्मियों ने रोक दिया।
सावन के पहले सोमवार को ग्रामीण क्षेत्र के शिव मंदिरों में सुबह से भारी भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने माधोपुर स्थित शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर, प्राचीन शिवधाम दरेखू बाणासुर मंदिर नरउर, बुढ़ऊ महादेव मोहनसराय, हनुमान मंदिर बीरभानपुर में लोगों ने दर्शन-पूजन किया। मिर्जामुराद स्थित प्राचीन शिवमंदिर बंगलाचट्टी श्यामा माता योगाश्रम बेनीपुर, मेंहदीगंज, खजुरी, प्रतापपुर, अषाढ़, गौर, लालपुर, मनकइयां, चक्त्रस्पानपुर, खालिसपुर, अमिनी, अदमापुर आदि गाँवों में स्थित शिवालयों में व्रती महिलाओं द्वारा दर्शन-पूजन के साथ ही जलाभिषेक देर शाम तक चलता रहा। जगह-जगह हरिकीर्तन-भजन का दौर पूरी रात चला। बड़ागांव क्षेत्र के बिरांव कोट, साईपुर, बलरामपुर, ताड़ी, बड़ागांव, रामनगर, बसनी, रामसिंहपुर आदि गांवों के शिव मंदिरों में भोर से ही भक्तों का तांता लगा रहा। रामेश्वर महादेव मंदिर में भी बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचे।