RTE: काशी में 14% बच्चों को आरटीई के तहत प्रवेश का इंतजार, पिछले 5 साल में सबसे ज्यादा; 1215 का दाखिला नहीं
Varanasi News: वाराणसी में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत सत्र 2026-27 में अब तक 8,625 में से 7,410 बच्चों का निजी स्कूलों में प्रवेश हुआ है, जबकि 1,215 प्रवेश बाकी हैं। बीएसए अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि प्रवेश के नाम पर शुल्क लेना दंडनीय अपराध है। इस वर्ष पिछले पांच सत्रों की तुलना में सबसे अधिक 86 फीसदी प्रवेश हुए हैं।
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RTE UP: शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत सत्र 2026-27 में अब तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। मई शुरू हो जाने के बाद भी आरटीई के तहत जिले के 14 फीसदी बच्चों का प्रवेश नहीं हुआ है। हालांकि, पिछले पांच शैक्षणिक सत्रों की तुलना में इस बार सबसे ज्यादा प्रवेश हुआ है। इसके बाद भी 1215 विद्यार्थियों का प्रवेश होना बाकी है।
चालू शैक्षणिक सत्र में कुल 8,625 छात्रों का चयन निजी विद्यालयों में प्रवेश के लिए आरटीई के तहत किया गया है। इनमें से 7,410 छात्रों का दाखिला हो चुका है। इसका कारण अभिभावकों को आवंटित विद्यालय पसंद न आना है।
वहीं, कुछ विद्यालयों की ओर से भी छात्रों को प्रवेश देने में आनाकानी की जा रही है। इससे प्रवेश प्रक्रिया में देरी हो रही है। फीस की मांग की शिकायत भी लगातार बीएसए कार्यालय में आ रही है।
प्रवेश के समय किसी भी प्रकार का शुल्क लेना या अभिभावकों की स्क्रीनिंग करना दंडनीय अपराध है। दोषी पाए जाने पर स्कूल से वसूली गई फीस का 10 गुना दंड वसूला जाएगा। - अनुराग श्रीवास्तव , बीएसए
पिछले पांच शैक्षणिक सत्र में आरटीई के तहत प्रवेश के आंकड़े
| सत्र | प्रवेश | प्रतिशत |
| 2022-23 | 3930 | 51% |
| 2023-24 | 4452 | 54% |
| 2024-25 | 5552 | 61% |
| 2025-26 | 6539 | 62% |
| 2026 - अबतक | 7410 | 86% |