फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   RSS chief in varanasi many national issues discuss in camp

वाराणसी में संघ प्रमुख: शिविर में एससी-एसटी एक्ट, नोटा, नोटबंदी और राम मंदिर पर हुआ मंथन

Sat, 17 Nov 2018 11:13 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी Updated Sat, 17 Nov 2018 11:13 AM IST
विज्ञापन
RSS chief in varanasi many national issues discuss in camp
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का छह दिवसीय प्रचारक वर्ग शिविर का शुक्रवार को समापन हो गया। अंतिम दिन शुक्रवार को अलग-अलग सत्रों में नोटबंदी के साथ-साथ नोटा, तीन तलाक और एससी-एसटी एक्ट पर चर्चा की गई। संघ ने 2016 में की गई नोटबंदी के फैसले का समर्थन ही नहीं किया, बल्कि इसे वैश्विक स्तर पर देश के लिए लाभदायक बताया है।
विज्ञापन


नोटबंदी के बारे में स्पष्ट कहा गया कि इसका फायदा वैश्विक स्तर पर मिला है। देश में आर्थिक विकेंद्रीकरण की शुरुआत इसी फैसले के बाद हुई। आजादी के 70 साल बाद भी आर्थिक विकेंद्रीकरण की शुरुआत नहीं हुई थी।
विज्ञापन


सूत्रों के अनुसार शुक्रवार के बौद्धिक सत्र में सर संघ चालक मोहन भागवत ने प्रचारकों से आह्वान किया कि वे देश में रामराज्य की स्थापना के लिए कार्य करें। संघ प्रमुख शुक्रवार देर रात रांची रवाना होंगे। देश के विभिन्न हिस्सों से आए ढाई सौ से अधिक प्रचारक भी जाने लगे हैं।  
विज्ञापन
विज्ञापन


इससे पहले हुए सत्रों में नोटा का विरोध करने के साथ अपील की गई कि स्वयंसेवक लोगों को इस बात के लिए जागरूक करें कि वे मौजूदा उम्मीदवारों में से सर्वोत्तम का चुनाव करें। स्वस्थ लोकतंत्र के लिए नोटा बेहतर विकल्प नहीं है। नोटा जैसे अधिकारों का इस्तेमाल सुयोग्य को भी अयोग्य बनाता है। नोटा क्षणिक भावनाओं के विकल्प के अलावा कुछ नहीं है। 


तीन तलाक पर चर्चा के सत्र में कहा गया कि चाहे किसी भी समुदाय या समाज की जननी हो, उसका स्थान श्रेष्ठ है। उसे तलाक और डायवोर्स जैसे शब्दों में सीमित नहीं किया जा सकता है। अर्द्धनारीश्वर का स्वरूप इसी बात का उदाहरण है। एससी-एसटी एक्ट पर चर्चा में माना गया कि यह संवदेनशील विषय है।

एक-एक पहलू पर समरस समाज बनाने के लिए राष्ट्र को समावेशी पथ पर ले जाना होगा। इसके लिए विभिन्न बिंदुओं पर एक बार पुन: विचार की आवश्यकता है। मुख्यधारा में हम किसी को बांट कर और किसी को काट कर आगे नहीं बढ़ सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed