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वाराणसी: रोटी बैंक के संचालक दो दिन पहले हुए थे कोरोना संक्रमित, गई जान

Fri, 16 Apr 2021 04:59 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Fri, 16 Apr 2021 04:59 PM IST
सार

वाराणसी में रोटी बैंक संचालक किशोरकांत तिवारी का कोरोना संक्रमण से निधन हो गया। रोटी बैंक के जरिए गरीबों तक भोजन पहुंचाने वाले युवा सामाजिक कार्यकर्ता के निधन से हर तबके में शोक की लहर है।

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roti bank owner died due to corona in varanasi
रोटी बैंक संचालक - फोटो : सोशल मीडिया।

विस्तार

वाराणसी में रोटी बैंक संचालक किशोरकांत तिवारी का कोरोना संक्रमण से निधन हो गया। रोटी बैंक के जरिए गरीबों तक भोजन पहुंचाने वाले युवा सामाजिक कार्यकर्ता के निधन से हर तबके में शोक की लहर है।

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परिजनों ने बताया कि तेज बुखार के चलते हालत बिगड़ने पर उन्हें रविंद्रपुरी स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। बिहार के सासाराम निवासी किशोरकांत महेशनगर में रहते थे। गरीबों को भेाजन पहुंचाने के लिए रोटी बैंक की शुरूआत उन्होंने 2017 में की थी। 
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अभी वह अपने रोटी बैंक के लिए रसोई घर का भी निर्माण करवा रहे थे। रोटी बैंक के जरिए वह शहर मेंं होने वाले आयोजनों में बचे भोजन को जुटाने के बाद घूम-घूमकर गरीबों में खाना बांटते थे। लॉकडाउन के दौरान उन्होंने हजारों लोगों को दो वक्त की रोटी मुहैया कराई थी।

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किशोर ने फेसबुक लाइव के जरिए अपने स्वास्थ्य की जानकारी दी थी। एक वीडियो में उन्होंने बताया था कि उन्होंने सारी जांच करा ली है सिर्फ टायफाइड ही निकला और जल्द ही ठीक होने की बात कही थी। पिछले 5 दिनों से हालत खराब होने पर दो प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराया। दो दिन पहले ही उनकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई जिसके बाद उनकी हालत और खराब होती गई। गुरुवार को उनका निधन हो गया।

सेंट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष विवेक शंकर तिवारी ने बताया कि भूखे लोगों को भोजन मुहैया कराने के साथ ही किशोर महिला हिंसा व महिला अधिकारों केलिए भी समय-समय पर आवाज उठाते थे। कोरोना की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद बचाने का हरसंभव प्रयास किया किंतु लचर व्यवस्था की वजह से उनकी जान चली गई। इलाज के लिए समय से ना वेंटीलेटर मिला न समुचित ईलाज। रेमिडिसिविर इंजेक्शन की एक शीशी बीस हजार की खरीदी गई थी लेकिन हम किशोर को नहीं बचा सके।

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