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Ropeway in Varanasi: रोपवे कॉरिडोर के दोनों तरफ 8-8 मीटर के दायरे में 32.8 फीट के ऊपर निर्माण प्रतिबंधित
Wed, 14 Jan 2026 03:37 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Wed, 14 Jan 2026 03:37 PM IST
सार
Ropeway Varanasi : कैंट से गोदौलिया के बीच 3.8 किलोमीटर में रोपवे कॉरिडोर बनाया गया है। इसके दोनों तरफ 8-8 मीटर के दायरे में 32.8 फीट के ऊपर निर्माण प्रतिबंधित है।
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Ropeway in Varanasi
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रोपवे कॉरिडोर के दोनों तरफ 8-8 मीटर यानी 16 मीटर के दायरे में 32.8 फीट ऊंचाई से ज्यादा के भवन नहीं बनाए जा सकेंगे। इसका खाका वीडीए ने तैयार किया है। मानक से ज्यादा का निर्माण हुआ तो जिम्मेदारी तय होगी। निगरानी की जिम्मेदारी अधिकारियों को ही दी गई है।
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कैंट से गोदौलिया के बीच 3.8 किमी में रोपवे कॉरिडोर बनाया गया है। वीडीए ने जो खाका तैयार किया है, उसके मुताबिक तीन तल से ऊपर के निर्माण मानक की जद में आएंगे। निर्धारित कॉरिडोर और उसके मानक में 300 से ज्यादा भवन आ रहे हैं।
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कैंट से गोदौलिया के बीच रोपवे का निर्माण कराया जा रहा है। कैंट, काशी विद्यापीठ और रथयात्रा इंटर स्टेशन हैं। गिरजाघर एक टेक्निकल स्टेशन हैं। गोदौलिया में स्टेशन बन रहा है। इनके बीच 29 टावर बनाए जा रहे हैं। रोपवे निर्माण की लागत 815.58 करोड़ रुपये है।
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एक निश्चित सीमा में कर सकेंगे निर्माण कार्य
वीडीए के एक अधिकारी ने बताया कि रोपवे कॉरिडोर क्षेत्र में निश्चित सीमा में ही निर्माण होंगे। बाइलाज बनने के बाद सब कुछ साफ हो जाएगा। इसमें हर बिंदु का ध्यान रखा जा रहा है। रोपवे के 148 ट्रॉली कार का वजन 1302.4 क्विंटल है। रोपवे की टेस्टिंग के दौरान प्रत्येक ट्रॉली कार में औसतन 10 यात्रियों का वजन (लगभग 800 किलो) और 10 अतिरिक्त वजन मिलाकर कुल 880 किलो को ध्यान में रखकर परीक्षण किया जा रहा है। यूरोपीय मानकों के अनुसार सुरक्षा उपकरण लगाए जा रहे हैं। आपातकालीन स्थितियों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुरक्षा संरचना विकसित की गई है। जैसे मेट्रो के दरवाज़े अंदर से नहीं खुलते हैं वैसे ही ट्रॉली कार के दरवाजे भी अंदर से नहीं खुलेंगे। ऑटोमेटिक तरीके से बंद हो जाएंगे। वेंटिलेशन की व्यवस्था की गई है ताकि बिजली बाधित होने पर भी यात्रियों को असुविधा न हो।